बेंगलुरु , अप्रैल 10 -- कर्नाटक उच्च न्यायालय ने हिंदी को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा करने की कोशिश करने वाली जनहित याचिका के लिए याचिकाकर्ता पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।

मुख्य न्यायाधीश विभु बाखरू और न्यायमूर्ति सीएम पूनाचा की पीठ ने इस याचिका को खारिज करते हुए याचिकाकर्ता को एक लाख रुपये का जुर्माना कर्नाटक राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण में जमा करने के निर्देश दिए हैं। ऐसा न करने पर यह राशि राजस्व बकाया के रूप में वसूली जाएगी।

पीठ ने तथ्यों को गलत तरीके से पढ़ने और जनहित याचिका प्रक्रिया का दुरुपयोग करने के लिए यह जुर्माना लगाया है।

अदालत ने कहा कि पाठ्यक्रम से हिंदी को हटाने का कोई इरादा या संकेत नहीं मिला है और याचिकाकर्ता ने एक समाचार रिपोर्ट को गलत तरीके से समझ लिया।

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