बेंगलुरु , अगस्त 08 -- कर्नाटक के मंत्री सतीश जारकीहोली ने शनिवार को कहा कि मंत्रिमंडल में शामिल नये मंत्रियों को विभागों का आवंटन सोमवार तक पूरा होने की संभावना है।
श्री जारकीहोली ने यहां पत्रकारों से बातचीत में अपनी हालिया दिल्ली यात्रा को नियमित बताया और कहा कि इसमें कुछ भी असामान्य नहीं है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार का भी दिल्ली दौरा होने वाला है और विभागों के आवंटन पर चर्चा अगले कुछ दिनों तक जारी रह सकती है। उन्होंने कहा, "मुख्यमंत्री आज या कल विभागों का आवंटन कर सकते हैं। यह प्रक्रिया सोमवार तक जारी रह सकती है और तब तक इसे अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है। मंत्रिमंडल में वरिष्ठ और अनुभवी लोग हैं, इसलिए कोई समस्या नहीं होनी चाहिए।"श्री जारकीहोली ने दूसरे उपमुख्यमंत्री की मांग पर कहा कि फिलहाल इस मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं हुई है। उन्होंने कहा, "उप मुख्यमंत्री मुद्दे पर फिलहाल कोई चर्चा नहीं है। मौका आने पर हम इस पर चर्चा करेंगे।"श्री जारकीहोली ने कहा कि उन्हें मंत्रिपरिषद में दूसरे फेरबदल पर किसी नये फैसले की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं द्वारा पहले ही चर्चा की जा चुकी है और मुख्यमंत्री ने व्यक्तिगत रूप से इसे दिल्ली में पार्टी नेतृत्व के साथ उठाया था। उन्होंने मंत्रिपरिषद में महिलाओं के प्रतिनिधित्व की भी वकालत करते हुए कहा कि सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कम से कम एक महिला को मंत्रालय में जगह मिले। उन्होंने कहा, "मंत्रिपरिषद में महिलाओं को प्रतिनिधित्व की जरूरत है। मंत्रिपरिषद में एक महिला होनी चाहिए। अब 19 लोग हैं और एक और मौका है।"उन्होंने उत्तरी कर्नाटक के एक चरवाहा समुदाय के नेता को प्रतिनिधित्व देने की मांग को भी स्वीकार करते हुए कहा कि इस मुद्दे पर कुछ भ्रम है लेकिन विश्वास जताया कि पार्टी का वरिष्ठ नेतृत्व इसे सुलझा लेगा। उन्होंने उन रिपोर्टों को भी खारिज किया जिनमें विधान परिषद के अध्यक्ष बसवराज होराट्टी को धमकी दी गयी थी या इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया गया था।
उन्होंने कहा कि वरिष्ठ विधायक होराट्टी ने अपनी मर्जी से इस्तीफा दिया है और इस घटनाक्रम को कोई अन्य अर्थ देने की जरूरत नहीं है।
श्री जारकीहोली ने कहा, "होराट्टी ने खुद इस्तीफा दे दिया है। वह सबसे वरिष्ठ विधायक हैं। उन्हें धमकी देने का कोई सवाल ही नहीं है।"उनकी यह टिप्पणी मंत्रिपरिषद विस्तार के बाद सत्तारूढ़ कांग्रेस में बढ़ी राजनीतिक गतिविधियों, विभागों आवंटन, व्यापक प्रतिनिधित्व की मांग और सरकार के सामने अगली बड़ी चुनौतियों के रूप में उभरते बदलावों की अटकलों के बीच आयी है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित