बेलगावी , अक्टूबर 27 -- कर्नाटक सरकार और गन्ना किसान गन्ने की कीमत तय करने के मुद्दे पर समझौते के काफी करीब पहुंच गए हैं, हालांकि अंतिम दर अभी तय नहीं हो पाई है।
मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने मंगलवार को आंदोलनकारी किसानों से अपील की कि जब तक बातचीत आगे बढ़ रही है, तब तक वे गन्ने की कटाई जारी रहने दें।
श्री शिवकुमार ने कहा कि सरकार ने किसान नेताओं, चीनी मिल प्रतिनिधियों, विधायकों, मंत्रियों और अधिकारियों के साथ व्यापक चर्चा की है। उन्होंने बताया कि किसी अंतिम निर्णय पर पहुंचने के लिए दो दिनों के भीतर अगले दौर की वार्ता की जाएगी।
उन्होंने यहां पत्रकारों को बताया कि देर रात तक चली इस बातचीत में लगभग 70 विधायकों और सांसदों, नौ मंत्रियों और वित्त सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चीनी मिलें तय होने वाली दर को मानने और उसी के अनुसार किसानों को भुगतान करने पर सहमत हो गई हैं। अंतिम मूल्य हालांकि अभी तय होना बाकी है। उन्होंने कहा कि न्यूनतम मूल्य के मुद्दे को सुलझाने के लिए केंद्र सरकार का हस्तक्षेप आवश्यक था, क्योंकि चीनी की कीमतों पर स्पष्टता के बिना चीनी मिलें न्यूनतम मूल्य पर सहमत होने के लिए तैयार नहीं थीं।
किसानों से सरकार का सहयोग करने की अपील करते हुए श्री शिवकुमार ने कहा कि जब तक अधिकारी चीनी मिल मालिकों और केंद्र सरकार से बातचीत जारी रखते हैं, तब तक वे फसल की कटाई होने दें।
उन्होंने कहा कि सरकार जल्द समझौते तक पहुंचने के लिए अधिकारियों से परामर्श करेगी और संबंधित पक्षों से बातचीत करेगी। प्रतिभागियों की सुविधा के अनुसार अगले दौर की चर्चा यहां या बेंगलुरु में हो सकती है।
किसानों के प्रति सरकार के समर्थन को दोहराते हुए श्री शिवकुमार ने कहा कि उन्होंने इस संबंध में प्रधानमंत्री को भी पत्र लिखा है। गन्ने की कीमतों को लेकर चल रहे विवाद के कारण किसानों ने अपनी उपज के उचित मूल्य की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू किए थे। हालिया बातचीत ने समझौते की उम्मीदें जगाई हैं, हालांकि अंतिम दर और समझौते की शर्तें घोषित होना अभी बाकी है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित