बेंगलुरु , जुलाई 19 -- कर्नाटक के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री यू. टी. खादर ने रविवार को कहा कि राज्य सरकार बच्चों एवं युवाओं में जीवनशैली से जुड़ी बढ़ती बीमारियों से निपटने के लिए सरकारी अस्पतालों एवं स्कूल कैंटीनों में जंक फूड की बिक्री पर रोक लगाने और एसएसएलसी स्तर तक के स्कूलों के आसपास इसकी बिक्री पर प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रही है। मंगलुरु के सरकारी वेनलॉक अस्पताल में हुई बैठक में इस प्रस्ताव की घोषणा करते हुए श्री खादर ने कहा कि जंक फूड का बढ़ता सेवन किडनी की बीमारियों और कैंसर जैसी गैर-संचारी बीमारियों की बढ़ती संख्या में योगदान दे रहा है।
उन्होंने कहा, "अस्पतालों और स्कूल की कैंटीनों में पौष्टिक भोजन मिलना चाहिए। हम इन जगहों और स्कूलों के आस-पास जंक फूड की बिक्री पर रोक लगाने के लिए नियम बनाने पर विचार कर रहे हैं, ताकि कम उम्र से ही हेल्दी खाने की आदत को बढ़ावा दिया जा सके।"उन्होंने कहा कि सरकार मॉल और अन्य वाणिज्यिक जगहों पर बिकने वाले खाने-पीने की चीज़ों की गुणवत्ता जांच अनिवार्य करके खाद्य सुरक्षा नियमों को सख्ती से लागू करेगी। घटिया गुणवत्ता वाली खाने-पीने की सामाग्री की बिक्री पर रोक लगाई जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि खाने-पीने की चीज़ों में मिलावट के मामलों में कानूनी कार्रवाई को मज़बूत करने के लिए, सरकार बेंगलुरु में मौजूद राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला को सार्वजनिक-निजी साझेदारी मॉडल के तहत अपग्रेड करने की योजना बना रही है ताकि इसकी रिपोर्ट कानूनी मानकों पर खरी उतरें और अदालती कार्यवाही में असरदार हो।
श्री खादर ने यह भी घोषणा की कि सरकार सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों के तबादलों से जुड़े काउंसलिंग नियमों की समीक्षा करेगी एवं उनमें बदलाव करेगी। इसका उद्देश्य बेहतर स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करने के साथ-साथ पति-पत्नी की अलग-अलग जगहों पर तैनाती एवं दिव्यांग चिकित्सा कर्मचारियों को होने वाली दिक्कतों जैसी समस्याओं का समाधान करना है।
लोगों में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक और पहल के रूप में सरकारी अस्पताल से छुट्टी पाने वाले हर मरीज़ को एक विवरण दिया जाएगा, जिसमें उनके इलाज पर सरकार द्वारा किये गये खर्च की जानकारी होगी, भले ही सेवाएं मुफ़्त हों। राज्य भर में लागू करने से पहले इस पहल को पायलट परियोजना के रूप में वेनलॉक अस्पताल में शुरू किया जाएगा। स्कैनिंग मशीनों में उपयोग होने वाली हीलियम की कमी के कारण एमआरआई सेवाओं में आ रही रुकावटों पर चिंता व्यक्त करते हुए श्री खादर ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जब तक इस समस्या का समाधान नहीं हो जाता तब तक वेनलॉक अस्पताल के मरीज़ों को केएमसी अस्पताल में सरकारी दरों पर एमआरआई स्कैन की सुविधा प्रदान की जाये। उन्होंने अधिकारियों को अस्पताल में डॉक्टरों, नर्सों और अन्य कर्मचारियों की कमी को दूर करने के निर्देश भी दिये।
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