बेंगलुरु , जुलाई 09 -- कर्नाटक में 450 करोड़ रुपये की लागत से तैयार जाति जनगणना की रिपोर्ट पर राजनीतिक घमासान बढ़ गया है।

कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को इस बहस को राष्ट्रीय मुद्दा बनाने के लिए उन राज्यों में भी ऐसी ही कवायद करने की चुनौती दी है जहां उसकी सरकार है।

भाजपा ने गुरुवार को 450 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तैयार इस रिपोर्ट को विधानसभा में पेश करने की मांग करते हुए तर्क दिया कि सरकार जनता के पैसे से किये गये और आरक्षण नीति एवं सामाजिक न्याय के लिए अहम असर रखने वाले सर्वेक्षण को छिपाकर नहीं रख सकती।

राज्य के गृह मंत्री प्रियांक खरगे ने रिपोर्ट के अभी कैबिनेट के सामने नहीं रखे जाने की बात करते हुए सरकार के उस पर विस्तार से चर्चा किए बिना कोई फैसला नहीं लिए जाने की बात कही।

श्री खरगे ने राजनीतिक हमले को तेज करते हुए भाजपा के सामने कर्नाटक की कवायद पर सवाल उठाने से पहले उसे उत्तर प्रदेश, गुजरात और मध्य प्रदेश जैसे अपने राज्यों में जाति जनगणना कराये जाने की चुनौती पेश कर दी। उन्होंने केंद्र से यह भी आग्रह किया कि अगर भाजपा सचमुच आबादी के आधार पर समान प्रतिनिधित्व में विश्वास करती है, तो वह देशव्यापी जाति जनगणना लागू करे।

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