बेंगलुरु , मार्च 11 -- कर्नाटक सरकार ने बुधवार को भरोसा दिलाया है कि अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण आपूर्ति में आयी बाधाओं के बावजूद राज्य के हर परिवार को अगले 20 दिनों के भीतर कम से कम एक रसोई गैस सिलेंडर जरूर मिलेगा।

विधानसभा में 'शून्य काल' के दौरान यह आश्वासन देते हुए खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री के. एच. मुनियप्पा ने कहा कि जब तक आपूर्ति की स्थिति सामान्य नहीं हो जाती, तब तक सरकार ने एक साथ कई सिलेंडर बुक करने पर रोक लगा दी है।

यह आश्वासन उन रिपोर्टों के बाद उपभोक्ताओं में फैली घबराहट के बीच आया है, जिनमें कहा गया था कि 'पश्चिम एशिया' के युद्ध के कारण दुनिया भर में ईंधन की आपूर्ति प्रभावित हुई है।

श्री मुनियप्पा ने बताया कि उन्होंने राज्य में रसोई गैस की उपलब्धता का जायजा लेने के लिए तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ एक विस्तृत बैठक की है। उन्होंने कहा कि कंपनियों ने सरकार को भरोसा दिया है कि हर परिवार को महीने में कम से कम एक सिलेंडर मिलेगा, इसलिए नागरिकों को घबराने की जरूरत नहीं है।

उन्हाेंने बताया कि भारत की रसोई गैस की जरूरत का लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा घरेलू उत्पादन से पूरा होता है, जबकि देश की ओर आ रहे कई तेल के जहाजों में युद्ध की वजह से देरी हुई है। उन्होंने कहा, "तेल लेकर भारत आ रहे करीब दस जहाज युद्ध के कारण रास्ते में फंसे हुए हैं। इसके बावजूद, तेल कंपनियों ने भरोसा दिया है कि हर परिवार को एक सिलेंडर जरूर दिया जाएगा।"सरकार ने कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए चेतावनी दी है कि जो लोग रसोई गैस सिलेंडरों की अवैध बिक्री या उन्हें छिपाकर रखने में शामिल होंगे, उनके खिलाफ 'आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम' के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

श्री मुनियप्पा ने होटलों, शादी घरों और सम्मेलनों के केंद्रों से भी इस अस्थाई कमी के दौरान सरकार का सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अस्पतालों और छात्रावासों को प्राथमिकता दी जाएगी ताकि जरूरी सेवाएं प्रभावित न हों। उन्होंने कहा कि सरकार आपूर्ति की स्थिति पर पैनी नजर रखेगी और तेल कंपनियों को निर्देश दिया गया है कि वे हर हफ्ते सिलेंडरों की उपलब्धता और वितरण पर अपनी रिपोर्ट सौंपें।

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