बेंगलुरु , अक्टूबर 12 -- कर्नाटक सरकार 2022 से लंबित ज़िला पंचायत और तालुक पंचायत चुनाव साल के आखिर तक कराने की योजना बना रही है लेकिन चुनाव कार्यक्रम तय करने में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद मतदाता सूची को अंतिम रूप देना एक महत्वपूर्ण कारक है।
ग्रामीण विकास और पंचायत राज मंत्री ईश्वर खंड्रे ने कहा कि सरकार लंबे समय से लंबित चुनाव कराने की तैयारी कर रही है और ज़रूरी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद दिसंबर में कार्यक्रम की घोषणा करेगी।
सरकार ने ज़िला और तालुक पंचायत निर्वाचन क्षेत्रों के लिए आरक्षण सूची का मसौदा पहले ही जारी कर दिया है और 19 अक्टूबर तक आपत्तियां मांगी गई हैं। यह प्रक्रिया स्थानीय निकाय चुनावों की तैयारियों की दिशा में एक कदम आगे है जो 2022 से अलग-अलग कारणों से टलते रहे हैं।
श्री खांड्रे ने कहा कि सरकार चुनाव कराने के लिए तैयार है लेकिन उन्होंने संकेत दिया कि मतदाता सूची तैयार करने और उसे अंतिम रूप देने में देरी से प्रस्तावित समय-सीमा पर असर पड़ सकता है।
एसआईआर प्रक्रिया पूरी होने के बाद, मतदाता सूची राज्य चुनाव आयोग को सौंपे जाने की उम्मीद है जिसकी चुनाव प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका होगी।
मंत्री ने कहा कि हालांकि सरकार दिसंबर में चुनाव कार्यक्रम की घोषणा करने का लक्ष्य लेकर चल रही है लेकिन समय-सीमा आरक्षण से जुड़ी औपचारिकताओं के पूरा होने और अंतिम मतदाता सूची की उपलब्धता पर निर्भर करेगी।
ग्रामीण स्थानीय निकायों के दो स्तरों के चुनाव लगभग चार साल से लंबित हैं इसलिए इन शुरुआती कदमों को पूरा करना यह तय करने के लिए बहुत ज़रूरी है कि चुनावी प्रक्रिया आखिरकार अगले चरण में कब बढ़ सकती है।
मसौदा आरक्षण सूची के प्रकाशित होने के साथ प्रक्रिया शुरू हो गई है लेकिन सरकार द्वारा वर्ष के अंत तक इसे चुनाव कार्यक्रम में बदलने के लिए मतदाता सूचियों को अंतिम रूप देना अभी भी एक महत्वपूर्ण कारक है।
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