बेंगलुरु , मई 29 -- कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने शुक्रवार को निवर्तमान मुख्यमंत्री सिद्दारमैया को लेकर एक भावुक पोस्ट किया, जिसमें उन्हें कांग्रेस के इस वरिष्ठ नेता को ताकत का एक स्तंभ बताया है।
राज्यपाल थावरचंद गहलोत द्वारा श्री सिद्दारमैया का इस्तीफ़ा स्वीकार किए जाने के कुछ ही घंटों बाद श्री शिवकुमार ने सोशल मीडिया पर पूर्व मुख्यमंत्री की तारीफ में एक पोस्ट किया और उन्हें 'ताकत का एक स्तंभ' बताया। उन्होंने एक कहावत का भी ज़िक्र किया, "अगर आप तेज़ चलना चाहते हैं, तो अकेले चलें। अगर आप दूर तक चलना चाहते हैं, तो साथ मिलकर चलें।" इसे सत्ता हस्तांतरण के बीच श्री शिवकुमार के इस पोस्ट को एकता के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। उनका यह बयान राजनीतिक गलियारों और सोशल मीडिया पर तेज़ी से प्रसारित हुआ। जहाँ समर्थकों ने श्री शिवकुमार को श्री सिद्दारमैया का स्वाभाविक उत्तराधिकारी बताया, वहीं कांग्रेस नेतृत्व ने गुटबाज़ी की बजाय एकजुटता की तस्वीर पेश करने की कोशिश की।
श्री शिवकुमार ने श्री सिद्दारमैया के ग्रामीण मैसूर से मुख्यमंत्री के पद तक पहुँचने के सफ़र को लचीलेपन, दृढ़ता और सामाजिक न्याय के प्रति प्रतिबद्धता का "सबसे बेहतरीन उदाहरणों में से एक" बताया।
उन्होंने कहा, "जब से 2020 में मुझे प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष के तौर पर सेवा करने की ज़िम्मेदारी सौंपी गयी, तब से श्री सिद्दारमैया जी एक मज़बूत स्तंभ की तरह मेरे साथ खड़े रहे हैं।" उन्होंने उस साझेदारी पर ज़ोर दिया जिसकी बदौलत कांग्रेस कर्नाटक में सत्ता में वापसी कर पायी।
. राजनीतिक जानकारों ने इस संदेश को शनिवार को होने वाली कांग्रेस विधायक दल की बैठक में अपेक्षित औपचारिक नेतृत्व परिवर्तन से पहले श्री सिद्दारमैया के वफादारों के प्रति एक सम्मान और एक रणनीतिक पहुँच के तौर पर देखा। निरंतरता का यह भाव तब और मज़बूत हो गया, जब श्री सिद्दारमैया ने नयी दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से मुलाक़ात कर, सत्ता हस्तांतरण, मंत्रिमंडल गठन और भविष्य की राजनीतिक ज़िम्मेदारियों पर चर्चा की।
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