बेंगलुरु , अगस्त 04 -- कर्नाटक में लगातार हो रही मानसून की बारिश से राज्य की जल सुरक्षा में काफी सुधार हुआ है। राज्य के 14 प्रमुख जलाशयों में पानी का स्तर उनकी कुल भंडारण क्षमता का 61 प्रतिशत तक पहुंच गया है और एक ही दिन में चार लाख क्यूसेक से अधिक पानी आया है। यह जानकारी कर्नाटक राज्य प्राकृतिक आपदा प्रबंधन केंद्र ने दी है। ताज़ा जलाशय बुलेटिन से पता चला है कि सभी बांधों में अब कुल मिलाकर 546.11 टीएमसी पानी जमा है, जबकि रोज़ाना आने वाले पानी की मात्रा 4,03,022 क्यूसेक तक पहुंच गयी है। कई जलाशय अपनी क्षमता के करीब पहुंच रहे हैं, इसलिए बढ़ते जल स्तर को नियंत्रित करने के लिए नदियों और नहरों में 1,82,132 क्यूसेक पानी छोड़ रहे हैं।
कावेरी बेसिन के जलाशयों में अभी 80.59 टीएमसी पानी जमा है। बेसिन में 28,882 क्यूसेक पानी बाहर निकलने के मुकाबले 64,507 क्यूसेक पानी अंदर आया जिससे पता चलता है कि पानी के भंडार में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।
कृष्णराज सागर जलाशय में 25.59 टीएमसी पानी जमा है; इसमें 31,122 क्यूसेक पानी आ रहा है और 1,882 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। काबिनी जलाशय में 27,988 क्यूसेक पानी आया और यह 27,000 क्यूसेक पानी छोड़ रहा है, साथ ही इसमें 18.69 टीएमसी पानी जमा है। हरंगी जलाशय में 7.90 टीएमसी और हेमावती जलाशय 28.41 टीएमसी पानी जमा है।
कृष्णा बेसिन में सबसे ज़्यादा बढ़ोतरी देखी गयी है, जहां के जलाशयों में 296.90 टीएमसी पानी जमा है। इनमें कुल मिलाकर 2,62,401 क्यूसेक पानी आया, जबकि 1,51,422 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।राज्य के सबसे बड़े जलाशयों में से एक, अलमाटी जलाशय, 111.16 टीएमसी पानी के साथ अपनी पूरी क्षमता तक भरने वाला है। इसमें 1,40,257 क्यूसेक पानी आया और 1,48,733 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। नारायणपुर जलाशय में इससे भी ज़्यादा यानी 1,46,799 क्यूसेक पानी आया और 1,47,777 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जबकि इसमें 29.40 टीएमसी पानी जमा है।
अन्य प्रमुख जलाशयों में, तुंगभद्रा में 51.15 टीएमसी, भद्रा में 47.48 टीएमसी, घाटप्रभा में 40.16 टीएमसी और मालाप्रभा में 17.55 टीएमसी पानी जमा है।
जल-विद्युत जलाशयों में भी अच्छी बढ़ोतरी हुई है और इनमें कुल मिलाकर 145.24 टीएमसी पानी जमा है। लिंगनमक्की में 27,952 क्यूसेक पानी आने के बाद 65.17 टीएमसी पानी जमा है, सुपा में 41,041 क्यूसेक पानी आने से 66.50 टीएमसी पानी जमा हुआ है, जबकि वराही में 13.57 टीएमसी पानी और वाणी विलास सागर में अभी 23.38 टीएमसी पानी जमा है।
कर्नाटक में कई दिनों तक हुई ज़बरदस्त बारिश के बाद जलाशयों के जलस्तर में तेज़ी से बढ़ोतरी हुई है। इससे सिंचाई और पीने के पानी के भंडार मज़बूत हुए हैं, साथ ही भारी आवक को संभालने के लिए प्रमुख बांधों से पानी को नियंत्रित तरीके से छोड़ा जा रहा है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित