बेंगलुरु , मई 25 -- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शीर्ष नेतृत्व कर्नाटक में विजयेंद्र येदियुरप्पा को ही प्रदेश अध्यक्ष पद पर बनाए रख सकता है। इससे साफ है कि दक्षिण भारत में भाजपा के इस मजबूत गढ़ में दिग्गज लिंगायत नेता बी.एस. येदियुरप्पा का दबदबा अब भी कायम है।

यह चर्चा भाजपा के राष्ट्रीय प्रमुख नितिन नवीन के कर्नाटक दौरे के बाद शुरू हुई है। हाल ही में हुए दो विधानसभा उपचुनावों में कांग्रेस से मिली हार के बाद कयास लगाए जा रहे थे कि राज्य भाजपा संगठन में कोई बड़ा बदलाव हो सकता है।

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, भाजपा आलाकमान का मानना है कि कर्नाटक में फिलहाल नेतृत्व बदलना ठीक नहीं होगा। खासकर तब, जब मुख्यमंत्री सिद्दारमैया के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार अपनी जनकल्याणकारी योजनाओं के दम पर राज्य में अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटी है।

इस कदम से पार्टी आलाकमान ने यह संदेश भी दे दिया है कि राज्य ईकाई में चल रही अंदरूनी खींचतान के बावजूद वह येदियुरप्पा खेमे को कमजोर नहीं करना चाहता। कर्नाटक की राजनीति में लिंगायत समुदाय का बहुत बड़ा प्रभाव है और इस समुदाय पर श्री येदियुरप्पा की पकड़ को देखते हुए भाजपा नेतृत्व नेतृत्व में बदलाव का कोई जोखिम नहीं लेना चाहता। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में हार के बाद श्री विजयेंद्र को कर्नाटक भाजपा की कमान सौंपी गई थी। तब से वह आगामी स्थानीय निकाय और अगले विधानसभा चुनावों के लिए कार्यकर्ताओं को एकजुट करने और संगठन को मजबूत करने में लगे हैं।

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