बेंगलुरु , मई 29 -- कर्नाटक के भारी एवं मध्यम उद्योग मंत्री एम.बी. पाटिल ने शुक्रवार को निवर्तमान मुख्यमंत्री सिद्दारमैया की सराहना करते उनके लंबे प्रशासनिक अनुभव तथा जन-कल्याणकारी शासन की खूबियों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वह ऐसे नेता हैं जिनकी कथनी और करनी में कोई अंतर नहीं है।
श्री पाटिल ने श्री सिद्दारमैया के इस्तीफे के बाद सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में कहा कि इस घटनाक्रम का राज्य भर में पार्टी के सदस्यों और समर्थकों पर गहरा असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि श्री सिद्दारमैया की प्रमुख उपलब्धियों में 17 राज्य बजट पेश करना शामिल है, जिसे उन्होंने कर्नाटक के राजनीतिक इतिहास में एक रिकॉर्ड और उनके प्रशासनिक अनुभव का परिचायक बताया। उन्होंने श्री सिद्दारमैया को 'अन्न भाग्य', 'क्षीर भाग्य' और सरकार के पांच गारंटी कार्यक्रमों जैसी प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने का श्रेय भी दिया, और कहा कि इन पहलों का लोगों, विशेष रूप से गरीबों और वंचित वर्गों के जीवन पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ा है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में श्री सिद्दारमैया का लगभग आठ साल का कार्यकाल कर्नाटक के राजनीतिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण दौर रहा है। श्री पाटिल ने श्री सिद्दारमैया की 2013 से 2018 के बीच जल संसाधन मंत्री के रूप में निभाई गयी पिछली भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने उन पर पूरा भरोसा जताया था तथा पूरे राज्य में सिंचाई परियोजनाओं को लागू करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की थी। उन्होंने कहा कि गठबंधन सरकार के कार्यकाल के दौरान भी श्री सिद्दारमैया उन्हें मार्गदर्शन और सहयोग देते रहे। वर्ष 2023 से बड़े और मध्यम उद्योग मंत्री के रूप में अपने मौजूदा कार्यकाल का जिक्र करते हुए श्री पाटिल ने कहा कि श्री सिद्दारमैया ने उन्हें "इन्वेस्ट कर्नाटक" पहल के माध्यम से कर्नाटक में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) आकर्षित करने के लिए पूरी स्वतंत्रता और अधिकार दिया था।
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