बेंगलुरु , नवंबर 01 -- कर्नाटक के परिवहन मंत्री बायराथी सुरेश ने रविवार को घोषणा की कि राज्य द्वारा संचालित परिवहन बसों का किराया पांच नवंबर से बढ़ाया जाएगा। किराए में कितनी बढ़ोतरी होगी, इसका फैसला चार नवंबर को होने वाली एक बैठक में लिया जाएगा।

मंत्री ने चिकबल्लापुर में पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि चार नवंबर को परिवहन विभाग और राज्य के चार परिवहन निगमों के अधिकारियों की एक बैठक होगी, जिसमें किराए में बढ़ोतरी की मात्रा तय की जाएगी।

किराए में प्रस्तावित बढ़ोतरी का बचाव करते हुए श्री सुरेश ने कहा कि चारों परिवहन निगमों को कुल मिलाकर लगभग 9,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है और इनका सालाना नुकसान करीब 2,000 करोड़ रुपये आंका गया है।

उन्होंने इस वित्तीय संकट के लिए कुछ हद तक भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा डीजल की कीमतों में बार-बार की गई बढ़ोतरी को जिम्मेदार ठहराया, जिससे इन निगमों की परिचालन लागत (ऑपरेटिंग कॉस्ट) बढ़ गई है।

उन्होंने बताया कि हाल ही में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में भी यह मुद्दा उठा था, जिसमें मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और मंत्रिमंडल को किराए में प्रस्तावित बढ़ोतरी पर अंतिम फैसला लेने के लिए अधिकृत किया गया है।

भाजपा सांसद के. सुधाकर की आलोचना का जवाब देते हुए श्री सुरेश ने कहा कि कर्नाटक में बस का किराया कई अन्य राज्यों की तुलना में कम है। उन्होंने सुधाकर को चुनौती दी कि वे कर्नाटक के किराए की तुलना भाजपा शासित राज्यों के किराए से करके देख लें।

उन्होंने सवाल किया कि क्या घाटे में चल रहे परिवहन निगमों को बिना किराया बढ़ाए लगातार नुकसान उठाते रहने दिया जा सकता है।

मंत्री ने 'नंदिनी' दूध की कीमतों में हाल ही में की गई आठ रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी का भी बचाव किया। उन्होंने बताया कि इस बढ़ोतरी में से सात रुपये सीधे किसानों को मिलेंगे, जबकि बाकी एक रुपया दूध संघों को जाएगा।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित