बेंगलुरु , मई 21 -- कर्नाटक प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने गुरुवार को राज्य की कांग्रेस सरकार पर सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था में कथित गिरावट को लेकर तीखा हमला किया और हाल ही में हुए एक मामले का हवाला दिया जिसमें एक मरीज इलाज की तलाश में तीन जिलों में लगभग 900 किलोमीटर की यात्रा करने के बाद सरकारी अस्पताल में आईसीयू बेड उपलब्ध न होने के कारण निजी अस्पताल जाने के लिए मजबूर हुआ।

विपक्ष के नेता आर अशोक ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सिद्दारमैया के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार में "आम लोगों की जिंदगी का कोई मूल्य नहीं है।"उन्होंने कहा कि यह घटना अंकोला के चंद्रहासा की हाल ही में हुई मौत के तुरंत बाद घटी है, जिनकी कथित तौर पर समय पर इलाज न मिलने के कारण मृत्यु हो गई थी। उन्होंने दावा किया कि एक और "दिल दहला देने वाली" घटना ने कर्नाटक की स्वास्थ्य प्रणाली की "वास्तविक स्थिति" को उजागर कर दिया है।

श्री अशोक के अनुसार मरीज ने चिकित्सा देखभाल की तलाश में विभिन्न जिलों में भटकते हुए "दो दिन और एक रात एम्बुलेंस में कष्ट झेला"। पार्टी ने आरोप लगाया कि मंगलुरु के सरकारी वेनलॉक अस्पताल पहुंचने के बावजूद मरीज को आईसीयू बेड नहीं मिल सका और अंततः उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती होना पड़ा।

विपक्षी दल ने इस घटना को कांग्रेस सरकार का "असली चेहरा" बताया और आरोप लगाया कि जनहितैषी प्रशासन का दावा करने के बावजूद सरकार जन कल्याण की उपेक्षा कर रही है।

गौरीबिदानूर में हाल ही में हुई एक मातृ मृत्यु का जिक्र करते हुए श्री अशोक ने आरोप लगाया कि बार-बार हो रही ऐसी घटनाएं राज्य भर के सरकारी अस्पतालों में खराब बुनियादी ढांचे, चिकित्सा सुविधाओं की कमी और प्रशासनिक लापरवाही को उजागर कर रही हैं।

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