बेलगावी , अक्टूबर 20 -- कर्नाटक की मशहूर स्वतंत्रता सेनानी कित्तूर रानी चेन्नम्मा की प्रतिमा के टूटे दाहिने हाथ की तुरंत मरम्मत और उसे बदलने की मांग को लेकर कन्नड़ समर्थक संगठनों ने सरकार से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है।
बेलगावी ज़िले के ऐतिहासिक शहर कित्तूर के प्रवेश द्वार पर गत 19 अक्टूबर की रात को घुड़सवार कांसे की प्रतिमा का दाहिना हाथ टूट गया। यह घटना 23 अक्टूबर को कित्तूर उत्सव के उद्घाटन से ठीक तीन दिन पहले हुई है।
प्रतिमा का हाथ टूटने का कारण अभी साफ नहीं है। अधिकारियों को शक है कि बारिश और तेज़ हवाओं की वजह से जंग लगने से प्रतिमा कमज़ोर हो गई होगी। तहसीलदार, तालुक पंचायत अधिकारियों पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारियों ने जगह का मुआयना किया। अलग हुए हाथ और तलवार को हटाकर तहसीलदार कार्यालय में रख दिया गया है।
इस घटना ने लगभग 30 साल पुरानी प्रतिमा को बदलने की मांग फिर से शुरू कर दी है, स्थानीय कार्यकर्ता अधिकारियों पर पहले की गई शिकायत पर कार्रवाई न करने का सवाल उठा रहे हैं।
कर्नाटक रक्षण वैदिके की तालुक इकाई के अध्यक्ष रुद्रगौड़ा पाटिल ने कहा कि उन्होंने चार साल पहले प्रतिमा बदलने की मांग करते हुए एक ज्ञापन दिया था, लेकिन अधिकारियों ने उसे नज़रअंदाज़ कर दिया था।
श्री पाटिल ने कहा, "हम समझ सकते हैं कि कित्तूर उत्सव से तीन दिन पहले नई प्रतिमा नहीं लगाई जा सकती है। हालांकि, सरकार कम से कम कार्यक्रम से पहले इसकी मरम्मत तो कर ही सकती है।"उन्होंने मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार से मौजूदा प्रतिमा को बदलने की घोषणा करने का आग्रह किया। श्री शिवकुमार समापन समारोह में शामिल होंगे।
कित्तूर कलमठ के श्री मादिवाला राजयोगिंद्र स्वामी ने भी सरकार से नई प्रतिमा लगाने की मांग की है। घुड़सवारी वाली यह प्रतिमा पुणे-बेंगलुरु राष्ट्रीय राजमार्ग से दूर कित्तूर के प्रवेश द्वार पर है। यह प्रतिमा ज़मीन से करीब 50 फीट ऊपर है, जबकि धातु की प्रतिमा खुद करीब 10 फीट ऊंची है और इसका वज़न एक टन से ज़्यादा होने का अंदाज़ा है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित