बेंगलुरु , अक्टूबर 07 -- कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) में कथित भर्ती घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने आयोग के पूर्व अध्यक्ष शिवशंकरप्पा साहूकार और सदस्य बी.वी. गीता को गिरफ़्तार किया है। जांचकर्ता 13 भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच कर रहे हैं।
इन गिरफ्तारियों से जांच में तेज़ी आई है। शुरुआत में यह जांच पशु चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती में कथित गड़बड़ी पर केंद्रित थी, लेकिन अब इसका दायरा केपीएससी की अन्य परीक्षाओं तक बढ़ गया है, जिनमें अधिकारियों और मोटर वाहन से जुड़े पदों की परीक्षाएं भी शामिल हैं।
शिवशंकरप्पा को ईडी ने मंगलवार देर रात गिरफ़्तार किया और न्यायालय के सामने पेश किया, जहां उन्हें एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
ईडी पूर्व केपीएससी अध्यक्ष की 14 दिन की कस्टडी मांग सकता है, क्योंकि जांच अधिकारी उनकी कथित भूमिका का पता लगाने और भर्ती के बड़े नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश कर रहे हैं।
मंगलवार को ईडी अधिकारियों ने गीता के घर पर तलाशी ली, जिसके बाद उन्हें गिरफ़्तार किया गया। गीता को शिवशंकरप्पा का करीबी माना जाता है। जांच अधिकारी भर्ती में हुई कथित गड़बड़ियों में उनकी भूमिका को लेकर उनसे पूछताछ कर रहे हैं।
बढ़ती जांच ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या कथित गड़बड़ी सिर्फ़ पशु चिकित्सा अधिकारी परीक्षा तक ही सीमित थी या इसमें केपीएससी की भर्ती प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर हेरफेर का मामला शामिल था।
सूत्रों के मुताबिक, ईडी 13 परीक्षाओं से जुड़ी भर्ती प्रक्रियाओं की जांच कर रही है और केपीएससी सदस्यों, उम्मीदवारों और अन्य बिचौलियों की कथित भूमिकाओं की भी पड़ताल कर रही है।
एजेंसी ने पूछताछ के लिए केपीएससी की सदस्य शांता होसमानी को भी बुलाया है, जबकि जांच का दायरा बढ़ने के साथ ही आयोग की एक और सदस्य एल्फ्रीडा डी'सिल्वा भी जांच के घेरे में हैं।
जांच में इस बात की भी पड़ताल होने की उम्मीद है कि क्या भर्ती में गड़बड़ी करने के लिए परीक्षा से जुड़ी गोपनीय जानकारी, उम्मीदवारों की जानकारी और प्रावीण्यता सूची का कथित तौर पर गलत इस्तेमाल किया गया था।
ईडी की यह कार्रवाई शिवशंकरप्पा और गीता से जुड़ी जगहों पर तलाशी के बाद हुई है और यह कथित भर्ती रैकेट की बढ़ती जांच के बीच की गई है।
अब जब जांच पशु चिकित्सा अधिकारी भर्ती मामले से आगे बढ़ रही है, तो जांचकर्ता यह पता लगा रहे हैं कि क्या केपीएससी की कई परीक्षाओं में कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था और क्या इसमें और अधिकारी, सदस्य, उम्मीदवार या बिचौलिए शामिल थे।
सूत्रों के मुताबिक, ईडी कथित भर्ती नेटवर्क का पर्दाफ़ाश करने में जुटी है, इसलिए और गिरफ्तारियां और तलाशी अभियान होने की संभावना है।
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