बेंगलुरु , जुलाई 21 -- प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को कर्नाटक में आठ स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई कथित आईएसआईएस कट्टरपंथीकरण, भर्ती नेटवर्क और उससे जुड़े धनशोधन मामले की जांच के तहत की गई। इस कार्रवाई के साथ ही राज्य के सबसे प्रमुख आतंकवाद से जुड़े मामलों में से एक की वित्तीय जांच और तेज हो गई है।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत बेंगलुरु और उसके आसपास लगभग आठ परिसरों में छापे मारे गये। एजेंसी प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएसआईएस) के लिए युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और भर्ती करने के आरोपियों से संदिग्ध धन के लेनदेन, वित्तीय लेन-देन और संपत्तियों की जांच कर रही है।
धनशोधन का यह मामला राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के दर्ज प्राथमिकी पर आधारित है। एनआईए एक मॉड्यूल की जांच कर रही है, जिस पर भोले-भाले युवाओं को गुमराह करने, आईएसआईएस में उनकी भर्ती में मदद करने और चरमपंथी गतिविधियों के लिए धन जुटाने का आरोप है।
सूत्रों के अनुसार, ईडी यह जांच कर रहा है कि कथित कट्टरपंथी गतिविधियों को संचालित करने के लिए अपराध से अर्जित धन को बैंक खातों, नकद लेनदेन या अन्य वित्तीय नेटवर्क के माध्यम से जुटाया या स्थानांतरित किया गया था या नहीं। छापेमारी के दौरान डिजिटल उपकरणों, वित्तीय अभिलेखों और अन्य दस्तावेजों की भी बारीकी से जांच की जा रही है।
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब केंद्रीय एजेंसियों ने राज्य में आतंकवाद के लिए भर्ती और कट्टरपंथ को बढ़ावा देने वाले वित्तीय नेटवर्क को ध्वस्त करने के प्रयास तेज कर दिये हैं।इस रिपोर्ट के लिखे जाने तक ईडी ने छापेमारी के नतीजों पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया था। जांच जारी है।
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