बेंगलुरु , जुलाई 21 -- कांग्रेस के उपमुख्यमंत्री जी परमेश्वर ने मंगलवार को संकेत दिया कि आगामी मंत्रिमंडल विस्तार में वरिष्ठ दावेदारों के बजाय युवा विधायकों को प्राथमिकता दी जा सकती है।

यह बयान ऐसे समय आया है, जब मंत्री पद के दावेदारों की भारी लामबंदी के बीच लंबे समय से टले मंत्रिमंडल विस्तार को अंतिम रूप देने के लिए मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार, पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद पार्टी नेतृत्व के साथ अहम विचार-विमर्श के लिए नयी दिल्ली में मौजूद हैं।

श्री परमेश्वर ने पत्रकारों से कहा कि यह कवायद अंतिम चरण में है और मंत्रियों की प्रस्तावित सूची को कांग्रेस आलाकमान के मंजूरी देते ही मंत्रिमंडल का विस्तार हो जायेगा। सत्तारूढ़ कांग्रेस के भीतर राजनीतिक संतुलन को नया रूप देने वाले कदम का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि पार्टी नेतृत्व युवा नेताओं को अधिक प्रतिनिधित्व देने सहित कई 'मानदंडों' पर विचार कर रहा है।

यह पूछे जाने पर कि क्या वरिष्ठ दावेदारों के मुकाबले नये चेहरों को तरजीह दी जायेगी, उन्होंने कहा, "वे इस पर विचार कर सकते हैं।" यह पूछे जाने पर कि क्या अगले महीने की शुरुआत में होने वाले विधानसभा सत्र से पहले विस्तार पूरा हो जायेगा , उन्होंने कहा कि आलाकमान की मंजूरी मिलते ही प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ेगी।

उन्होंने कहा, "एक बार जब आलाकमान हां कह देगा और सूची को हरी झंडी दे देगा, तो राज्यपाल को सूचित किया जायेगा और उनकी उपलब्धता के आधार पर शपथ ग्रहण समारोह के लिए समय मांगा जायेगा।"उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि चर्चा के दौरान इन सभी मापदंडों पर विचार किया जायेगा, क्योंकि जब मैं पार्टी अध्यक्ष था तो आलाकमान हमसे नये नेतृत्व को तैयार करने के लिए कहता था। मुझे लगता है कि यही बात अब भी लागू होगी।"मंत्रिमंडल विस्तार की संभावना के बीच सत्तारूढ़ दल के भीतर तेज लामबंदी शुरू हो गयी है तथा विभिन्न क्षेत्रों और समुदायों के दावेदार अपनी मांग रख रहे हैं। वहीं कांग्रेस नेतृत्व जातीय समीकरणों, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व, संगठनात्मक हितों और पीढ़ीगत बदलाव के बीच संतुलन बनाने के लिए प्रयासरत है।

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