बेंगलुरु , दिसंबर 13 -- कर्नाटक पुलिस की एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने आलंद विधानसभा क्षेत्र में वोट चोरी मामले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व विधायक सुभाष गुट्टेदार सहित सात लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। विधायक और अन्य लोगों ने 2022-23 के दौरान 5,994 मतदाताओं के नाम अवैध रूप से हटाने की कोशिश की थी।

आरोपपत्र में सुभाष गुट्टेदार, उनके बेटे हर्षानंद गुट्टेदार, निजी सचिव टिप्परुद्र, कलबुर्गी के तीन डेटा सेंटर ऑपरेटर, अकरम पाशा, मुकरम पाशा और मोहम्मद अशफाक और पश्चिम बंगाल का युवक बापी आद्या के नाम शामिल हैं। इन्होंने चुनाव आयोग की ऑनलाइन सेवाओं तक पहुंचने के लिए ओटीपी का दुरूपयोग किया था।

आरोपपत्र धोखाधड़ी, पहचान छिपाने, आपराधिक साजिश और आपराधिक विश्वासघात से संबंधित धाराओं के तहत दाखिल किए गए हैं, जिसमें 10 साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा हो सकती है। बेंगलुरु में फर्स्ट एडिशनल चीफ मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट को सौंपे गए इस दस्तावेज में लगभग 22,000 पेज हैं, जिसमें लगभग 15,000 पेज में मतदाता हटाने की कोशिश के लिए इस्तेमाल किए गए आईपी एड्रेस पर चुनाव आयोग का डेटा शामिल है।

इस मामले में पहली गिरफ्तारी बापी आद्या की हुई थी। बापी आद्या ओटीपीबाजार नाम की एक वेबसाइट चलाता था, जो अमेरिका स्थित साइट एसएमएसअलर्ट से जुड़ी थी, ताकि कलबुर्गी डेटा सेंटर द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली ओटीपी बाईपास सेवाएं प्रदान की जा सकें। गौरतलब है कि आद्या को मंगलवार को जमानत पर रिहा कर दिया गया। बीते 31 अक्टूबर को चुने हुए प्रतिनिधियों के लिए एक विशेष अदालत ने गुट्टेदार, हर्षानंद और टिप्परुद्र को अग्रिम जमानत दे दी थी।

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