बेंगलुरु , जून 18 -- कर्नाटक विधान परिषद के द्विवार्षिक चुनावों में गुरुवार को शत प्रतिशत मतदान हुआ। राज्य के सभी 222 विधायकों ने विधान सौधा में मतदान किया। इस चुनावी प्रक्रिया पर सबकी नज़रें टिकी हुई थीं और इस प्रक्रिया में तीखी राजनीतिक बयानबाज़ी भी देखने को मिली।

चुनाव आयोग की देखरेख में आज शाम चार बजे मतदान संपन्न हुआ और अधिकारियों ने पुष्टि की कि सभी विधायकों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मतदान पूरा होने के बाद मतपेटियों को सील कर दिया गया और वोटों की गिनती आज शाम पांच बजे शुरू होनी थी।

कांग्रेस विधायक ए.एस. पोन्नान्ना ने कहा कि मतदान प्रक्रिया आसानी से और नियमों का पालन करते हुए पूरी हुई। उन्होंने कहा कि सभी 222 विधायकों ने मतदान किया और चुनावी प्रक्रिया पूरी तरह से संपन्न हुई।

मतदान प्रक्रिया राज्य विधानसभा विधान सौधा में संपन्न हुई जहां कड़ी सुरक्षा एवं निगरानी के बीच मतदान प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न हुई। शांतिपूर्ण मतदान संपन्न होने के बावजूद, मतदान केंद्र के अंदर और बाहर राजनीतिक खींचतान भी देखने को मिली। भारतीय जनता पार्टी के नेता एन रवि कुमार ने मतदान के दौरान कथित प्रक्रिया पर आपत्ति दर्ज की और भाजपा विधायक बसनागौड़ा पाटिल यतनाल से जुड़ी एक चिट्ठी का उल्लेख किया।

उन्होंने दावा किया कि मतदान परिसर में वह पत्र दिखाया गया और इस प्रक्रिया के दौरान ऐसी गतिविधियों के उचित होने पर सवाल उठाया।

भाजपा नेता रवि ने कहा कि पोलिंग एजेंट का काम सिर्फ़ मतदातां की पहचान और लिस्ट की जाँच करना है और पोलिंग स्थल के अंदर प्रक्रिया से जुड़ी जांच के अलावा किसी प्रकार के सवाल पूछने की इजाज़त नहीं है। भाजपा ने मतदान प्रक्रिया के दौरान हुए अनियमित व्यवहार पर आपत्ति दर्ज की।दूसरी ओर, कांग्रेस ने क्रॉस-वोटिंग के आरोपों को खारिज किया और कहा कि गुप्त मतदान प्रणाली से आने वाले परिणाम पार्टी की ताकत को दर्शाएंगे।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने कहा कि इस प्रक्रिया को लेकर अटकलें लगाने की कोई आवश्यकता नहीं है क्योंकि मतदान गोपनीय होता है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने परिषद चुनावों में मज़बूत प्रदर्शन का भरोसा व्यक्त किया। विधायक संतोष लाड ने कहा कि आंकड़ों के आधार पर कांग्रेस के सभी पांचों उम्मीदवार आसानी से जीत दर्ज करेंगे।

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