बेंगलुरु , जुलाई 23 -- कर्नाटक सरकार ने इस साल कम बारिश के अनुमान के दुष्प्रभावों का सामना करने के लिए एक व्यापक सूखा तैयारी रणनीति शुरू की है।

मुख्य सचिव डॉ. शालिनी रजनीश ने बताया कि सरकार ने अल नीनो के संभावित प्रभाव को कम करने और राज्य की जल सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कई निवारक उपाय शुरू किए हैं। सरकार 'कर्नाटक भौगोलिक सूचना प्रणाली' पोर्टल से लगभग 37 लाख बोरवेल का डिजिटल मानचित्रण और पंजीकरण करेगी। इसके साथ ही अत्यधिक दोहन वाले भूजल क्षेत्रों में नए बोरवेल खोदने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। बोरवेल रीचार्ज, तकनीकी निरीक्षण और पाक्षिक निगरानी भी शुरू की गई है।

भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र के मौसम पूर्वानुमानों का हवाला देते हुए राज्य सरकार ने कहा कि अल नीनो की स्थितियां मई 2027 तक बनी रहने की संभावना है, जिससे लंबे समय तक गर्मी, बारिश में कमी, जलाशयों और भूजल के घटने, पीने के पानी की किल्लत, कृषि उपज में गिरावट और खाद्य पदार्थों की कीमतों में बढ़ोतरी की आशंका बढ़ गई है। इसे देखते हुए सरकार वर्षा जल संचयन का विस्तार करेगी, चेक डैम का निर्माण करेगी, पारंपरिक जल निकायों का जीर्णोद्धार करेगी, औद्योगिक और निर्माण उद्देश्यों के लिए शोधित अपशिष्ट जल के उपयोग को बढ़ावा देगी और स्थानीय निकायों के माध्यम से 'जल बजट' लागू करेगी।

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