बेंगलुरु , सितंबर 20 -- कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डॉ. जी. परमेश्वर ने रविवार को कहा कि उपग्रह आंकड़ों, मैदानी सत्यापन और केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित मानकों के आधार पर राज्य के 200 से अधिक तालुकों को चरणबद्ध तरीके से सूखाग्रस्त घोषित किया जा सकता है।
डॉ. परमेश्वर ने संवाददाताओं को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि सूखा घोषणा की एक तय केंद्रीय प्रक्रिया होती है, जिसके तहत उपग्रह तस्वीरों और आंकड़ों का विश्लेषण किया जाता है। उन्होंने कहा, "सभी तालुकों को एक साथ सूखाग्रस्त घोषित नहीं किया जा सकता। यह प्रक्रिया मानसून के अंत तक चरणों में जारी रहेगी।"उन्होंने जानकारी दी कि पहले चरण में 101 तालुकों को सूखाग्रस्त घोषित किया जा चुका है, जिसके बाद दूसरे चरण में 24 अन्य तालुकों को शामिल किया गया। अगले तीन से चार दिनों में 52 और तालुकों को सूखाग्रस्त घोषित किए जाने की संभावना है, जबकि मैदानी रिपोर्ट आने के बाद 50 अन्य तालुकों पर विचार किया जाएगा। डॉ. परमेश्वर ने अनुमान जताया कि कुल आंकड़ा 200 के पार जा सकता है और एक हफ्ते के भीतर जगलूर को भी इस सूची में शामिल किया जाएगा। उन्होंने किसानों और नागरिकों से धैर्य रखने की अपील करते हुए कहा कि प्रक्रिया अभी जारी है।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में सूखे की स्थिति और कस्तूरीरंगन रिपोर्ट पर चर्चा के लिए सोमवार से राज्य विधायिका का तीन दिवसीय विशेष सत्र बुलाया गया है। राज्य सरकार ने पहले ही केंद्र सरकार को एक ज्ञापन सौंप दिया है। सरकार अब सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के साथ नई दिल्ली जाकर किसानों के कर्ज माफ करने और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष के तहत वित्तीय सहायता जारी करने की मांग करेगी।
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