बेंगलुरु , अगस्त 27 -- कर्नाटक सरकार ने राज्य के 101 तालुकों को सूखाग्रस्त घोषित कर दिया है। सरकार वित्तीय सहायता की मांग को लेकर इस महीने के अंत तक केंद्र सरकार को एक ज्ञापन सौंपेगी। यह जानकारी गुरुवार को उप-मुख्यमंत्री जी परमेश्वर ने मीडिया को संबोधित करते हुए दी।
उप-मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार हर 15 दिनों में स्थिति की समीक्षा करेगी और तय मानकों को पूरा करने वाले अन्य तालुकों को भी सूखाग्रस्त घोषित किया जाएगा। उन्होंने लोगों को आश्वस्त किया कि जिन तालुकों को अभी शामिल नहीं किया गया है, वे चिंता न करें क्योंकि स्थिति का आकलन लगातार जारी है। यह ज्ञापन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री को सौंपा जाएगा।
जी परमेश्वर ने केंद्र सरकार से अपील की कि इस बार सूखा राहत राशि जारी करने में देरी न की जाए। उन्होंने पिछले वर्ष का उदाहरण देते हुए कहा कि पिछली बार उच्चतम न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद ही राज्य को लगभग 3,500 करोड़ रुपये की सहायता मिल सकी थी। उन्होंने मांग की कि केंद्र अपनी निर्धारित प्रक्रियाओं और निरीक्षण दलों के आकलन के तुरंत बाद सहायता राशि जारी करे।
उप-मुख्यमंत्री ने बताया कि लगभग 49 लाख किसानों ने फसल बीमा योजना के तहत पंजीकरण कराया है। बीमा कंपनियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे उन मामलों पर भी विचार करें जहाँ प्रतिकूल मौसम के कारण किसान बुआई भी नहीं कर सके। सूखा प्रभावित क्षेत्रों से पलायन रोकने के लिए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत रोजगार बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। जुलाई से 24 अगस्त के बीच लगभग 66.73 लाख मानव दिवस का रोजगार सृजित किया जा चुका है।
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