बेंगलुरु , जून 03 -- कर्नाटक के नवनियुक्त मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने बुधवार को कहा कि प्रदेश के सभी छात्रों को मुफ्त बस पास प्रदान किए जाएंगे।
कैबिनेट बैठक के बाद संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस निर्णय के तहत पीयूसी, डिग्री कॉलेजों, स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों के सभी छात्र शामिल होंगे। इसके लिए छात्रों को आवेदनों के माध्यम से अपना पहचान सत्यापन कराना होगा। उन्होंने कहा, "हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यात्रा खर्च के कारण कोई भी छात्र शिक्षा से वंचित न रहे।" उन्होंने कहा कि इस पहल से शिक्षा तक पहुंच मजबूत होगी और परिवारों पर पड़ने वाला वित्तीय बोझ कम होगा।
मुख्यमंत्री ने इसके अलावा व्यापक शासन रोडमैप की रूपरेखा भी पेश की, जिसमें सरकारी विभागों में खाली पड़े 56,000 पदों को भरने की बात कही गई है। भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निश्चितता लाने के लिए जल्द ही एक सुव्यवस्थित भर्ती कैलेंडर जारी किया जाएगा।
उन्होंने आगे कहा कि सरकार युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर देने के लिए सार्वजनिक और निजी नौकरी बाजारों को एकीकृत कर एक बड़े पैमाने पर रोजगार सुविधा प्रणाली शुरू करेगी, जिसमें कौशल-मिलान तंत्र भी शामिल होगा। एक और बड़े फैसले में सरकार ने पंचायतों और शहरी वार्डों में 10,000 युवा संघ स्थापित करने की योजना की घोषणा की। खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों, नेतृत्व विकास और सामाजिक एकजुटता को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक इकाई को 10 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी।
शहरी बुनियादी ढांचे पर बात करते हुए श्री शिवकुमार ने कहा कि आने वाले महीनों में नागरिक बुनियादी ढांचे की कमियों को दूर करने के लिए 'ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी' के ढांचे के तहत बेंगलुरु में सड़क विकास के लिए 2,000 करोड़ रुपये आवंटित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि कैबिनेट ने बेंगलुरु में बिजली और पानी के कनेक्शन से संबंधित लंबे समय से लंबित मुद्दों के समाधानों की भी समीक्षा की है, और सत्यापित दस्तावेजों के आधार पर पात्र आवेदकों के लिए एकमुश्त राहत ढांचे पर विचार किया जाएगा।
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