मंगलुरु , जून 06 -- कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ में कई हिंदू संगठनों ने मुरीनाकट्टे में एक धार्मिक ढांचे को तोड़े जाने के खिलाफ़ एक बड़ा विरोध मार्च निकाला, जिसके कारण शनिवार को तनाव बढ़ गया।
हिंदू संगठनों ने अधिकारियों पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने का आरोप लगाया और ढांचे को फिर से बनाने की मांग की।
बारिश और भारी पुलिस तैनाती के बावजूद सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन में हिस्सा लिया। उन्होंने तोड़-फोड़ के खिलाफ़ नारे लगाए और जवाबदेही की मांग की। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि इस कार्रवाई से हिंदू समुदाय के लोगों की भावनाएं बुरी तरह आहत हुई हैं और उन्होंने तोड़े गए ढांचे को फिर से बनाने की मांग की।
सभा को संबोधित करते हुए विभिन्न हिंदू संगठनों के नेताओं ने तोड़-फोड़ की निंदा की और राज्य सरकार से घटना की व्यापक जांच के आदेश देने का आग्रह किया। उन्होंने मांग की कि इस फैसले के लिए ज़िम्मेदार अधिकारियों की पहचान की जाए और उनके खिलाफ़ उचित कार्रवाई की जाए।
विरोध मार्च के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गये थे। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने अहम जगहों पर अतिरिक्त जवान तैनात किए थे। तनावपूर्ण माहौल के बावजूद, रैली बिना किसी बड़ी घटना के शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।
विरोध प्रदर्शन के नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों को नज़रअंदाज़ किया गया तो तटीय इलाके में आंदोलन और तेज़ किया जाएगा। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि यह मुद्दा सिर्फ़ एक ढांचे का नहीं, बल्कि धार्मिक आस्था की रक्षा और स्थानीय समुदायों के लिए पवित्र स्थानों को बचाने का है।
श्री मुरीनाकट्टे में तोड़-फोड़ की घटना ने इलाके में व्यापक बहस छेड़ दी है। सामुदायिक समूह अधिकारियों से उन हालात के बारे में ज़्यादा पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं जिनकी वजह से यह कार्रवाई हुई। अधिकारियों ने संयम बरतने की अपील की है और भरोसा दिलाया है कि मामले की जांच कानून के मुताबिक की जाएगी।
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