बारां , मई 16 -- राजस्थान में बारां जिले के आदिवासी सहरिया बहुल शाहाबाद क्षेत्र में अब खेती की तस्वीर बदलती नजर आ रही है।
सीमित संसाधनों और बारिश आधारित पारंपरिक खेती के बीच किसान अब आधुनिक तकनीक और स्मार्ट खेती की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। खास बात यह है कि इस बदलाव की प्रेरणा एक कर्नाटक मूल के किसान से मिल रही है, जिन्होंने शाहाबाद में आम और नींबू की बागवानी करके नई मिसाल कायम की है।
बारां जिले का शाहाबाद क्षेत्र लंबे समय से सिंचाई संसाधनों की कमी और प्राकृतिक आपदाओं की मार झेलता रहा है। यहां अधिकतर किसान लघु एवं सीमांत श्रेणी के हैं, जिन्हें पारंपरिक फसलों से पर्याप्त लाभ नहीं मिल पाता। ऐसे में कृषि विभाग किसानों को आधुनिक खेती, प्राकृतिक खेती और बागवानी आधारित मॉडल अपनाने के लिए प्रेरित कर रहा है।
कर्नाटक मूल के किसान बलवंत सिंह ने शाहाबाद उपखंड में अपने खेत पर करीब 200 आम और 250 नींबू के पौधे लगाकर बागवानी आधारित खेती का सफल प्रयोग किया है। आधुनिक तकनीक और बेहतर प्रबंधन के जरिए उन्हें अच्छी आय मिल रही है। उनका यह मॉडल अब आसपास के किसानों के लिए प्रेरणा बनता जा रहा है।
कृषि विभाग के अनुसार क्षेत्र में किसानों को पारंपरिक अनाज और दलहन फसलों के साथ सीमित क्षेत्र में सब्जी एवं बागवानी अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि किसानों की आय के नए स्रोत विकसित हो सकें।
शाहाबाद में स्मार्ट खेती को बढ़ावा देने के लिए कृषि विभाग ने डिजिटल पहल भी शुरू की है। किसानों के लिए सोशल मीडिया ग्रुप बनाए गए हैं, जिनके माध्यम से खेती से जुड़ी समस्याओं का समाधान, नई तकनीकों की जानकारी और सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है।
सहायक कृषि अधिकारी ने कहा कि किसान अब खेती में नवाचार कर रहे हैं। किसान ब्रजेश चंदेल पपीते की खेती से बेहतर मुनाफा कमा रहे हैं, जिससे क्षेत्र में बागवानी आधारित खेती का चलन तेजी से बढ़ रहा है।
शाहाबाद उपखंड में करीब 45 से 50 हेक्टेयर भूमि पर खेती की जाती है। रबी सीजन में गेहूं, सरसों और चना प्रमुख फसलें हैं, जबकि खरीफ में मक्का, सोयाबीन, धान और उड़द की खेती होती है। अब इन पारंपरिक फसलों के साथ किसान बागवानी और नकदी फसलों की ओर भी रुख कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इसी तरह तकनीक, प्रशिक्षण और बाजार की सुविधाएं मिलती रहीं तो आदिवासी और पिछड़े क्षेत्रों में भी खेती रोजगार और बेहतर आय का मजबूत माध्यम बन सकती है।
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