पटना , सितंबर 25 -- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश मीडिया प्रभारी दानिश इकबाल ने शुक्रवार को कहा कि कर्नाटक की एक कंपनी का महिलाओं की सुरक्षा के नाम पर बिहार और उत्तर प्रदेश (यूपी) के युवाओं को नौकरी नहीं देने का फैसला दुर्भाग्यपूर्ण और पूर्वाग्रह से ग्रसित है।
श्री इकबाल ने कहा कि किसी राज्य विशेष को इंगित कर इस तरह का फैसला लेना अनुचित और नफरत पर आधारित है। उन्होंने कहा कि अपने परिसर में महिलाओं की सुरक्षा कंपनी की अपनी जिम्मेदारी होती है और बेहतर होता कि कंपनी इस तरह के नफरती फैसले की जगह अपने परिसर में महिलाओं की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करती।
भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी ने कहा कि राष्ट्रीय अपराध रेकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़े बताते हैं कि प्रतिवर्ष बिहार में 22 हजार और कर्नाटक में 20 हजार महिला उत्पीड़न के मामले सामने आते हैं। वर्तमान में बिहार की जनसंख्या करीब 14 करोड़ तथा कर्नाटक की सात करोड़ है। इस हिसाब से यदि इन आंकड़ों पर ध्यान दें तो कर्नाटक में बिहार के मुकाबले महिलाओं के खिलाफ अपराध की दर काफी अधिक है।
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