बेंगलुरु , अगस्त 12 -- कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने बुधवार को अपने विस्तारित मंत्रिमंडल के सदस्यों के बीच विभागों के आवंटन का कार्य पूरा कर लिया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने मंत्रियों के विभागों में तुरंत किसी भी तरह के बदलाव या फेरबदल की संभावना से साफ इनकार कर दिया है।

नवनिर्मित मंत्रिमंडल में असंतोष की अटकलों के बीच श्री शिवकुमार ने कहा कि जिन मंत्रियों ने शपथ ले ली है और जिन्हें विभाग सौंप दिए गए हैं, उन्हें अपने आवंटित विभागों में ही काम जारी रखना होगा। उन्होंने कहा, "विभागों में कोई बदलाव नहीं होगा। जिन्हें जो विभाग दिए गए हैं, उन्हें उन्हीं विभागों का प्रबंधन संभालना चाहिए।"उनकी यह टिप्पणी उन रिपोर्टों के बीच काफी अहम मानी जा रही है, जिनमें कुछ मंत्रियों द्वारा तथाकथित 'प्रभावशाली' मंत्रालयों की मांग करने और कम तवज्जो वाले विभाग मिलने पर असंतोष व्यक्त करने की बात कही जा रही थी।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता रामलिंगा रेड्डी को वन एवं पारिस्थितिकी और श्री के.एच. मुनियप्पा को समाज कल्याण मंत्रालय सौंपा गया है। अन्य प्रमुख मंत्रियों के आवंटन में श्री यू.टी. खादर को अल्पसंख्यक कल्याण, हज एवं वक्फ तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग दिया गया है, जबकि श्री एम.बी. पाटिल को वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय मिला है।

इसके अलावा श्री ज़मीर अहमद खान को आवास, श्री अजय सिंह को लघु सिंचाई तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, श्री एन. चेलुवरायास्वामी को भारी एवं मध्यम सिंचाई, श्री मधु बंगारप्पा को प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा और श्री बसवराज राय रेड्डी को उच्च शिक्षा विभाग सौंपा गया है। वहीं श्री लक्ष्मण सावदी को सहकारिता, श्री रुद्रप्पा लमाणी को चीनी एवं वस्त्र, श्री शिवराज तंगड़ागी को पिछड़ा वर्ग कल्याण तथा कन्नड़ एवं संस्कृति, श्री टी. रघुमूर्ति को अनुसूचित जनजाति कल्याण और श्री के.एम. शिवालिंगे गौड़ा को आबकारी मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है।

मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने स्वयं अपने पास वित्त विभाग के अलावा कैबिनेट मामले, कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार , खुफिया, सूचना, कानून, न्याय एवं मानवाधिकार, संसदीय कार्य एवं विधान, कृषि विपणन और अन्य सभी गैर-आवंटित विभाग रखे हैं। मंत्रियों के शपथ लेने के एक सप्ताह से अधिक समय बाद विभागों का बंटवारा हो पाया है, जिससे राज्य नेतृत्व में मतभेद और कांग्रेस आलाकमान के साथ लंबी चर्चाओं की अटकलों को बल मिला था।

इस बीच, विपक्षी दलों ने इस देरी को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। केंद्रीय मंत्री और जद (एस) नेता एच.डी. कुमारस्वामी ने विभागों के आवंटन में हुई देरी की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री शिवकुमार जनता के हितों से ज्यादा मुख्यमंत्री की कुर्सी को महत्व दे रहे हैं। उल्लेखनीय है कि 3 अगस्त को बेंगलुरु के लोक भवन में कांग्रेस के 19 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली थी, और बुधवार को हुए इस आवंटन के साथ ही कर्नाटक मंत्रिमंडल के सभी 23 मंत्रियों को उनके पोर्टफोलियो सौंप दिए गए हैं।

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