बेंगलुरु , अक्टूबर 06 -- कर्नाटक में बेंगलुरु पुलिस ने जयनगर विधानसभा क्षेत्र से 5,698 मतदाताओं के नाम हटाने के लिए कथित तौर पर फर्जी फॉर्म-7 आवेदन जमा करने के मामले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दो बूथ स्तर के एजेंटों (बीएलए) और अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। इस घटनाक्रम ने कर्नाटक में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर जारी राजनीतिक घमासान को और तेज कर दिया है।
यह प्राथमिकी कर्नाटक महिला कांग्रेस की अध्यक्ष सौम्या रेड्डी की शिकायत पर सोमवार रात जयनगर थाने में दर्ज की गई। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने भाजपा के प्रति प्रतिकूल माने जाने वाले मतदाताओं को जानबूझकर निशाना बनाया।
शिकायत के अनुसार, भाजपा के बीएलए रामकृष्ण और योगेश ने अन्य लोगों के साथ मिलकर 16 जून से 5 अक्टूबर के बीच धोखाधड़ी से फॉर्म-7 आवेदन जमा किए, जिनमें झूठा दावा किया गया कि संबंधित मतदाता अपने पंजीकृत पतों से स्थानांतरित हो गए हैं।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि जयनगर चतुर्थ ब्लॉक में बूथ स्तर के अधिकारी (बीएओ) लोकेश को सौंपे गए आवेदनों में स्थानीय निवासी रमेश और उनकी पत्नी रूपा की सहमति के बिना उनके पहचान विवरणों का दुरुपयोग किया गया और फर्जी हस्ताक्षर वाले आपत्ति पत्र जमा किए गए।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
यह कार्रवाई मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार और उनके छह कैबिनेट सहयोगियों के गत एक अक्टूबर को मुख्य चुनाव अधिकारी वी. अनबुकुमार के कार्यालय के बाहर दिए गए धरने के कुछ दिनों बाद हुई है। कांग्रेस नेताओं ने एसआईआर अभ्यास के दौरान फर्जी फॉर्म-7 आपत्तियों को बड़े पैमाने पर जमा करने के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी दर्ज करने और समयबद्ध आपराधिक जांच की मांग की थी।
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