नयी दिल्ली , मई 11 -- उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को एक अहम फैसला सुनाते हुए कांग्रेस नेता टी.डी. राजेगौड़ा की कर्नाटक विधानसभा सदस्यता फिलहाल बहाल कर दी है।
न्यायालय ने तीन मई 2026 को हुई उन डाक मतपत्रों की दोबारा जांच के नतीजे पर भी रोक लगा दी है, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता डी.एन. जीवराज को विजेता घोषित किया गया था।
न्यायमूर्ति संजय कुमार और न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन की पीठ ने यह आदेश दिया है। पीठ ने गौर किया कि कर्नाटक उच्च न्यायालय ने केवल 279 खारिज हुए मत पत्रों की जांच के आदेश दिए थे, लेकिन चुनाव अधिकारी ने उन 562 सही वोटों को भी दोबारा गिन लिया जो पहले ही श्री राजेगौड़ा के पक्ष में गिने जा चुके थे।
न्यायालय ने पाया कि चुनाव अधिकारी ने राजेगौड़ा के उन 562 वोटों में से 248 वोट घटा दिए, जिससे मुकाबला भाजपा उम्मीदवार श्री जीवराज के पक्ष में झुक गया। इस पर कड़ी टिप्पणी करते हुए पीठ ने कहा कि लोकतंत्र को इस तरह 'हाईजैक' करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
न्यायालय ने निर्देश दिया कि दोबारा गिनती के बाद उठाए गए सभी कदम तब तक रुके रहेंगे जब तक श्री राजेगौड़ा की अपील पर अंतिम फैसला नहीं आ जाता। इसके साथ ही न्यायालय ने श्री राजेगौड़ा की विधायकी वापस बहाल करने के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा है।
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