अमृतसर , जून 20 -- पंजाब प्रदेश भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) के प्रवक्ता प्रो. सरचांद सिंह ख्याला ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र लिखकर कर्णप्रयाग में सिख श्रद्धालु युवकों के साथ हुई घटना की उच्चस्तरीय, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराने की मांग की है।
प्रो. ख्याला ने शनिवार को कहा कि इस घटना से जुड़े घटनाक्रम और सामने आ रहे तथ्यों ने देश-विदेश के सिख समुदाय में गहरी चिंता पैदा की है। उन्होंने कहा कि इस मामले को संवेदनशीलता और निष्पक्षता के साथ संबोधित किया जाना चाहिए ताकि सभी पक्षों को न्याय मिल सके। उन्होंने अपने पत्र में कहा कि मीडिया रिपोर्टों, वीडियो साक्ष्यों और स्थानीय जानकारियों से यह धारणा बन रही है कि विवाद की शुरुआत सिख युवकों की ओर से नहीं हुई थी, लेकिन इसके बावजूद पुलिस प्रशासन ने कथित तौर पर एकतरफा कार्रवाई करते हुए केवल सिख युवकों के खिलाफ कदम उठाये। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति न्याय व्यवस्था की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करती है और समाज में अविश्वास का माहौल पैदा कर सकती है।
भाजपा प्रवक्ता ने उन रिपोर्टों पर भी चिंता जतायी जिनमें सिख युवकों को अदालत में पेश करते समय उनकी दस्तार (पगड़ी) उतरवाए जाने का दावा किया गया है। उन्होंने कहा कि दस्तार सिख धर्म में सम्मान, धार्मिक पहचान और आत्मसम्मान का प्रतीक है, इसलिए इस मामले की पूरी सच्चाई सामने आना और जिम्मेदार व्यक्तियों की जवाबदेही तय होना आवश्यक है।
प्रो. ख्याला ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना और सामाजिक सौहार्द को मजबूत करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। यदि किसी भी स्तर पर पक्षपात की धारणा बनती है तो इससे सामाजिक तनाव बढ़ सकता है। उन्होंने मांग की कि मामले की जांच किसी उच्च स्तरीय विशेष जांच दल (एसआईटी) या किसी स्वतंत्र एवं वरिष्ठ एजेंसी से कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आए और न्याय होते हुए दिखाई भी दे। उन्होंने कहा कि यदि जांच के दौरान किसी अधिकारी द्वारा अधिकारों के दुरुपयोग, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने या एकतरफा कार्रवाई करने के तथ्य सामने आते हैं तो उनके खिलाफ कड़ी कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही, घटना को भड़काने, श्रद्धालुओं पर हमला करने या समाज में नफरत फैलाने वाले तत्वों की पहचान कर उनके विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई की जाये।
प्रो. ख्याला ने कहा कि श्री हेमकुंट साहिब की यात्रा के लिए हर वर्ष देश और विदेश से लाखों श्रद्धालु उत्तराखंड पहुंचते हैं। ऐसे में राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि यात्रियों की सुरक्षा, सम्मान और धार्मिक स्वतंत्रता हर परिस्थिति में सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी श्रद्धालु को असुरक्षा या भेदभाव का अनुभव न हो। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा सामाजिक सद्भाव, राष्ट्रीय एकता और "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास" के सिद्धांत पर कार्य कर रही है। इसलिए जो भी तत्व धार्मिक भावनाओं को भड़काने, सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने या समाज में विभाजन पैदा करने की कोशिश करते हैं, उनके खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
प्रो. सरचांद सिंह ख्याला ने आशा व्यक्त की कि उत्तराखंड सरकार इस मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करेगी तथा राज्य की धार्मिक सहिष्णुता, आपसी सम्मान और सामाजिक सद्भाव की परंपरा को और मजबूत करेगी।
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