अमरोहा , जून 16 -- उत्तर प्रदेश शासन को प्रतिवर्ष करोड़ों रुपये का भारी-भरकम राजस्व देने वाली तहसील मुख्यालय मंडी धनौरा नगर की बदहाल तस्वीर इस समय स्वयं अपनी बदहाली के आंसू रो रही है, जिससे क्षुब्ध होकर स्थानीय नागरिकों और प्रबुद्ध वर्ग ने अब प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
तहसील परिसर में व्याप्त भयंकर अव्यवस्थाओं, पेयजल संकट, टूटी सड़कों और छांव की कमी जैसी बुनियादी समस्याओं से रोजाना जूझती जनता ने तीखा आक्रोश व्यक्त करते हुए साफ लफ़्ज़ों में कहा है कि अब बहुत हुआ और यदि व्यवस्थाओं में अविलंब सुधार नहीं किया गया तो वे व्यापक आंदोलन के लिए विवश होंगे।
प्राप्त विवरण के अनुसार इस तहसील क्षेत्र से सरकार के राजकोष में हर साल भारी राजस्व जमा किया जाता है, जिसके बावजूद यहाँ आने वाले हज़ारों फरियादियों को न्यूनतम नागरिक सुविधाएं तक मयस्सर नहीं हो पा रही हैं। ग्रीष्मकाल के इस भीषण दौर में न तो यहाँ पीने के शुद्ध पानी की समुचित व्यवस्था है और न ही चिलचिलाती धूप से बचने के लिए कोई मुकम्मल शेड बनाया गया है, जिसके कारण दूर-दराज के गांवों से अपने आवश्यक प्रशासनिक व कानूनी कार्यों के लिए आने वाले बुजुर्गों, महिलाओं और किसानों को भारी मानसिक व शारीरिक असुविधा का सामना करना पड़ता है।
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