कानपुर , दिसंबर 08 -- उत्तर प्रदेश की कानपुर पुलिस ने निवेश के नाम पर 970 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी के मामले की जांच छह सदस्यीय साइबर टीम को सौंपी है। पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि दिल्ली के मालवीय नगर निवासी रविन्द्रनाथ सोनी द्वारा दुबई स्थित 'ब्लू चिप' कंपनी के माध्यम से भारत व अन्य देशों के निवेशकों से करोड़ों रुपये एकत्रित किए जाने की पुष्टि हुई है। दुबई से फरार होने के बाद आरोपी ओमान के रास्ते कानपुर आया जहां उसे गिरफ्तार किया गया था।
उन्होने बताया कि अब तक की जांच में आरोपी के 22 भारतीय बैंक खातों, आठ डिजिटल क्रिप्टो लेन-देन तथा 20 कंपनियों से प्रत्यक्ष संबंध उजागर हुए हैं जिसमें 16 कंपनी अभी भी सक्रिय है जबकि चार को बंद पाया गया है। इसमें से एक कंपनी के निदेशक गुरमीत द्वारा लगातार ट्रांजेक्शन किये जा रहे हैं। उन्हे इस मामले में अपना पक्ष रखने के लिये बुलाया गया है।
श्री लाल ने बताया कि इस मामले में प्राप्त अन्य शिकायतों की जांच जारी है। आरोपी की ठगी का शिकार भारतीयों के अलावा कनाडा,जापान,दुबई और यूएई के भी निवेशक शामिल है। इस मामले में अब तक कानपुर पुलिस ने तीन एफआईआर दर्ज की हैं। कई लोग इस उम्मीद से एफआईआर नहीं करा रहे हैं कि उन्हे उनका पैसा वापस मिल जायेगा। इस मामले में साथ ही कुछ सेलिब्रिटी और प्रमोटरों द्वारा कंपनी के प्रचार-प्रसार में संलिप्तता संबंधी आरोपों की भी जांच की जा रही है।
श्री लाल ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज से यह भी साफ हुआ है कि दुबई स्थित कार्यालय में आरोपी बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा सोफे में डालता दिख रहा है। इस संबंध में दुबई की सुरक्षा एजेंसियों से समन्वय स्थापित कर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। उन्होने बताया कि आरोपी की पहचान दुबई में एक बड़े यूथ आईकान के तौर पर थी।
उन्होने बताया कि अपर पुलिस उपायुक्त अंजलि विश्वकर्मा के निर्देशन में गठित विशेष छह सदस्यीय साइबर टीम संपूर्ण डिजिटल ट्रेल, वित्तीय लेयरिंग एवं अन्तर्राष्ट्रीय लेनदेन की गहन जांच कर रही है।
गौरतलब है कि ब्लू चिप कंपनी समूह का प्रमोशन फिल्म अभिनेता साेनू सूद और द ग्रेट खली जैसे नामचीन सेलब्रेटी भी कर चुके हैं। पुलिस इस मामले में उन्हे भी अपना पक्ष रखने के लिये तलब कर सकती है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित