चेन्नई , जुलाई 07 -- तमिलनाडु के मुयमंत्री जोसेफ विजय शुक्रवार को टेक्सटाइल टाउन (कपड़ा उद्योग के लिए मशहूर शहर) करूर का दौरा करेंगे जहां भगदड़ में मारे गये लोगों के परिवारों में से एक-एक सदस्य को वह सरकारी नौकरी का नियुक्ति पत्र सौंपेंगे।
इससे पहले तमिलनाडु में मुख्य विपक्षी पार्टी द्रविड़ मनेत्र कषगम (द्रमुक) ने उच्चतम न्यायालय से अपनी वह याचिका वापस ले ली है जिसमें राज्य के मुख्यमंत्री और तमिलगा वेट्री कझगम ( टीवीके) के संस्थापक जोसेफ विजय और उनके मंत्रिमंडल सहयोगियों को करूर भगदड़ की घटना के बारे में बोलने से रोकने की मांग की गयी थी।
पिछले साल 27 सितंबर को करूर के वेलुसामीपुरम में श्री विजय की रैली के दौरान भगदड़ की घटना हुई थी। इस घटना से गहरे सदमे में आये श्री विजय को अपना कार्यक्रम बीच में ही छोड़कर चेन्नई लौटना पड़ा था। उन्होंने पीड़ित परिवारों को 20-20 लाख रुपये देने के अलावा उन्हें मल्लापुरम के पास एक प्राइवेट रिसॉर्ट में बुलाया था और व्यक्तिगत रूप से अपनी संवेदनाएं व्यक्त की थीं। उच्चतम न्यायालय ने इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी है और एजेंसी ने पूछताछ के लिए श्री विजय को कई बार दिल्ली बुलाया है।
विपक्षी पार्टियां द्रमुक , भारतीय जनता पार्टी और अन्नाद्रमुक इस भयानक त्रासदी के लिए श्री विजय को जिम्मेदार ठहरा रही हैं, वहीं टीवीके लगातार उस समय सत्ता में रही द्रमुक की साजिश का आरोप लगा रही है।
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