चेन्नई , जुलाई 27 -- तमिलनाडु सरकार ने मद्रास उच्च न्यायालय की मदुरै पीठ के उस आदेश के खिलाफ उच्चतम न्यायालय का रुख करने का निर्णय लिया है जिसमें करूर भगदड़ पीड़ितों के परिजनों को अनुकंपा के आधार पर दी गयी सरकारी नौकरियों की नियुक्तियों को रद्द कर दिया गया था।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने 10 जुलाई को करूर के अपने पहले दौरे पर पीड़ित परिवारों के 31 सदस्यों को नौकरी के पत्र सौंपे थे लेकिन सोमवार शाम कोउच्च न्यायालय की एक खंडपीठ ने उस सरकारी आदेश को रद्द कर दिया। इस फैसले के तुरंत बाद तमिलनाडु के बिजली एवं कानून मंत्री सीटी निर्मल कुमार के हवाले से आयी रिपोर्टों में कहा गया था कि सरकार मंगलवार को उच्चतम न्यायालय में अपील दायर करेगी।
राज्य सरकार के फैसले का बचाव करते हुए मंत्री ने कहा कि नौकरियों के लाभार्थियों को इस मामले में प्रतिवादी के रूप में शामिल नहीं किया गया था और उच्च न्यायालय ने उन लोगों के तर्कों को सुने बिना अपना आदेश पारित कर दिया है, जिन्हें पहले ही नियुक्ति पत्र मिल चुके थे।
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