प्रयागराज , अक्टूबर 19 -- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज निवासी एक पूर्व सैनिक का 35 वर्षीय बेटा पाकिस्तान के कराची बंदरगाह पर जहाज में फंसा हुआ है। परिवार का दावा है कि उसे जहाज से उतरने की अनुमति नहीं दी जा रही है। बेटे की सुरक्षित वापसी को लेकर परेशान परिजनों ने केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है। परिवार के मुताबिक, गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय तक मामला पहुंचाने के बावजूद अब तक उसकी वापसी का रास्ता नहीं निकल सका है।
प्रयागराज के पूर्व सैनिक ललित किशोर मिश्र का बेटा विनीत मिश्र एक जहाज पर चीफ अफसर के पद पर कार्यरत है। ललित किशोर के अनुसार, उनका बेटा करीब 10 वर्षों से विदेश में जहाजों पर नौकरी कर रहा है। इसी साल फरवरी में वह घर आया था और कुछ समय बाद दोबारा ड्यूटी पर चला गया। जहाज इराक और ओमान से होते हुए अप्रैल में पाकिस्तान के कराची बंदरगाह पहुंचा था।
परिवार का कहना है कि कराची पहुंचने के बाद जहाज पर माल लादा गया, लेकिन उसे आगे जाने की अनुमति नहीं मिली। बाद में जहाज से माल भी उतरवा दिया गया। ललित किशोर मिश्र के मुताबिक, जहाज संचालित करने वाली कंपनी और एजेंसी के बीच विवाद के कारण उनके बेटे की वापसी अटक गई है। उनका आरोप है कि विनीत को जहाज से उतरने नहीं दिया जा रहा है।
ललित किशोर ने बताया कि उनका बेटा कई महीनों से जहाज पर फंसा है और उसकी तनख्वाह भी रोक दी गई है। इस बीच उसके वीजा और नौकरी के अनुबंध की अवधि समाप्त हो चुकी है, जिससे उसकी मुश्किलें बढ़ गई हैं। उनका यह भी दावा है कि जहाज का ईंधन खत्म हो चुका है और वह ब्लैकआउट की स्थिति में पहुंच गया है। इससे परिवार की चिंता और बढ़ गई है। हालांकि, जहाज की मौजूदा स्थिति और विनीत को उतरने की अनुमति नहीं मिलने के कारणों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
विनीत का परिवार मूल रूप से प्रयागराज की बारा तहसील के बघला गांव का निवासी है। वर्तमान में परिवार लालापुर क्षेत्र में रहता है। विनीत की पत्नी नेहा मिश्रा अपने दो छोटे बच्चों के साथ पति की वापसी का इंतजार कर रही हैं। उनका बेटा वेदांश दो साल का है, जबकि बेटी वर्तिका महज 10 महीने की है।
परिवार के मुताबिक, नेहा अपने पति की वापसी को लेकर बेहद परेशान हैं। दोनों बच्चे अक्सर पिता के बारे में पूछते हैं, लेकिन परिवार के पास उनकी वापसी की कोई निश्चित जानकारी नहीं है। परिजन जनप्रतिनिधियों से संपर्क कर रहे हैं, ताकि विनीत को सुरक्षित भारत लाने का रास्ता निकल सके।
नेहा मिश्रा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है। उनका कहना है कि सरकार इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उनके पति की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए। उन्होंने कहा कि दो छोटे बच्चों को पिता से दूर रहने की स्थिति समझाना मुश्किल हो रहा है। परिवार को अब तक यह भी पता नहीं है कि विनीत कब घर लौट पाएगा।
विनीत की सुरक्षित वापसी के लिए बारा के विधायक डॉ. वाचस्पति ने भी केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर मामले की जांच कराने और विनीत को सकुशल भारत वापस लाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।
परिवार का कहना है कि मामले को प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ केंद्र सरकार के मंत्रालयों तक पहुंचाया जा चुका है। अब उन्हें सरकार की ओर से ठोस कार्रवाई का इंतजार है। परिजनों की सबसे बड़ी चिंता विनीत की सुरक्षा है। वे चाहते हैं कि उसे जल्द से जल्द सुरक्षित भारत लाया जाए, ताकि उसकी पत्नी और दोनों छोटे बच्चों को परिवार के साथ रहने का अवसर मिल सके।
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