नयी दिल्ली , अक्टूबर 17 -- कर्नाटक के करवार नौसैनिक अड्डे पर नौसेना के असैन्य कर्मचारियों के लिए 300 आवास और स्टेशन हेल्थ ऑर्गनाइजेशन परिसर का उद्घाटन किया गया है।

रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि नौसेना की पश्चिमी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ वाइस एडमिरल संजय वत्सायन ने इन सुविधाओं का उद्घाटन किया। ये सुविधाएं प्रोजेक्ट सीबर्ड के दूसरे चरण के तहत विकसित की गयी हैं। इस दौरान वाइस एडमिरल विवेक दहिया, महानिदेशक सीबर्ड और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

इस परियोजना के तहत पांच आवासीय टावरों में कुल 300 घर बनाये गये हैं। इसके साथ ही मौजूदा नौसेना अस्पताल आईएनएचएस पतंजलि की क्षमता बढ़ाने के लिए स्टेशन हेल्थ ऑर्गनाइजेशन परिसर तैयार किया गया है। अस्पताल की क्षमता बढ़ाकर 409 बेड करने की योजना का यह हिस्सा है। इन सुविधाओं के लिए दो लाख लीटर क्षमता वाला ऊंचाई पर स्थित जल भंडारण टैंक और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट भी बनाया गया है।

करवार नौसैनिक अड्डे पर बढ़ती जरूरतों को देखते हुए ठोस कचरा प्रबंधन की आधुनिक एकीकृत सुविधा, प्रवेश द्वार और पुल सहित सड़क ढांचे का भी उद्घाटन किया गया। इस सड़क व्यवस्था में चार लेन पर वाहनों की आवाजाही के साथ पैदल चलने वालों और साइकिल सवारों के लिए अलग रास्ते बनाये गये हैं।

प्रोजेक्ट सीबर्ड के दूसरे चरण में दोहरे उपयोग वाला नौसैनिक हवाई स्टेशन, पूरी क्षमता वाला नौसैनिक डॉकयार्ड और जहाजों एवं विमानों के लिए रसद सुविधाएं विकसित करना भी शामिल है। इस नौसैनिक अड्डे पर परिवारों सहित करीब 10,000 सैन्य और असैन्य कर्मियों के रहने की व्यवस्था है। परियोजना से उत्तर कन्नड़ क्षेत्र में स्थानीय अर्थव्यवस्था, उद्योग और पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

परियोजना को पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के मौजूदा मानकों तथा इंडियन ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल के नियमों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है। पूरा होने पर इसे आईजीबीसी गोल्ड रेटिंग मिलने की उम्मीद है। परियोजना आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा के अनुरूप है और इसमें 90 प्रतिशत से अधिक सामग्री तथा उपकरण देश में ही तैयार किये गये स्रोतों से लिए जा रहे हैं।

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