करनाल , अगस्त 19 -- हरियाणा के करनाल की बेटी और टैगोर स्कूल की 11वीं कक्षा की नॉन मेडिकल छात्रा यशिका मैहला ने अमेरिका में 15 दिन रहकर अंतरिक्ष विज्ञान और मंगल ग्रह से जुड़े मिशन की महत्वपूर्ण जानकारी हासिल की। भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए यशिका का चयन यूनाइटेड स्पेस स्कूल के कार्यक्रम में हुआ था।
कार्यक्रम के दौरान यशिका ने नासा के वैज्ञानिकों से मुलाकात कर अंतरिक्ष विज्ञान को करीब से समझा और विभिन्न देशों के विद्यार्थियों के साथ टीम में काम किया। यशिका ने बताया कि उसे स्कूल के शिक्षकों के माध्यम से चयन की जानकारी मिली थी। यह उसके जीवन की महत्वपूर्ण उपलब्धि रही और वह इसे लेकर काफी उत्साहित थी।
यूनाइटेड स्पेस स्कूल का कार्यक्रम करीब 29 वर्षों से आयोजित किया जा रहा है। इसमें अंतरिक्ष विज्ञान में रुचि रखने वाले 35 देशों के विद्यार्थी हिस्सा लेते हैं। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को उनकी रुचि और भूमिका के आधार पर अलग-अलग टीमों में बांटा गया। यशिका का चयन ग्रीन टीम में हुआ और उसे 'सभ्यता एवं मंगल ग्रह पर आवास' की भूमिका मिली। टीम ने मंगल मिशन से जुड़े प्रोजेक्ट पर काम किया। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को प्रोजेक्ट से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर व्याख्यान भी दिए।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को विभिन्न स्थानों का भ्रमण कराया गया। अलग-अलग देशों से आए विद्यार्थियों ने एक-दूसरे के साथ अपनी संस्कृति साझा की। पहले सप्ताह में सांस्कृतिक मेले का आयोजन हुआ, जिसमें विद्यार्थियों ने अपने देशों की कहानी, संगीत और नृत्य प्रस्तुत किए। खान-पान की चीजें भी प्रदर्शित की गईं। यशिका ने भारत की ओर से ब्रेड पकौड़ा बनाया।
यशिका ने बताया कि वह भविष्य में एयरोनॉटिकल इंजीनियर बनना चाहती है और आगे भी नासा जाना चाहेगी। कार्यक्रम के अंतिम दिन अंतरिक्ष यात्री स्टीवन विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र देने पहुंचे। यशिका ने कहा कि कल्पना चावला उनके लिए प्रेरणास्रोत हैं।
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