बैतूल , जून 22 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में संभावित कम वर्षा की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने किसानों को कम अवधि वाली फसलों की खेती अपनाने की सलाह दी है।
जिला कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में कृषि एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों, आत्मगवर्निंग बोर्ड तथा किसान संघ के प्रतिनिधियों के साथ जिला कंटीन्जेंसी प्लान की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में एलनीनो प्रभाव के कारण सामान्य से कम वर्षा की संभावना पर चर्चा की गई। कृषि विज्ञान केंद्र के अधिकारियों ने बताया कि जिले में मूंग, उड़द, तिल और अरहर जैसी कम अवधि की फसलों के लिए पर्याप्त मात्रा में बीज उपलब्ध हैं। किसानों को सलाह दी गई कि पर्याप्त जल उपलब्धता होने पर ही धान की खेती करें, ताकि भविष्य में नुकसान की स्थिति से बचा जा सके।
डॉ. सोनवणे ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने तथा जिले में मिलेट्स (मोटे अनाज) का रकबा बढ़ाने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को केवल अन्य राज्यों की उन्नत कृषि तकनीकों से ही नहीं, बल्कि जिले के प्रगतिशील किसानों की सफल कृषि पद्धतियों से भी अवगत कराया जाना चाहिए। इसके लिए किसान भ्रमण कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।
बैठक में कृषि, पशुपालन और उद्यानिकी विभागों के संसाधनों एवं कृषि यंत्रों के लिए एकीकृत केंद्र स्थापित करने के प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश भी दिए गए। प्रस्तावित कृषि योजना के तहत इंटरक्रॉपिंग, फसल विविधीकरण तथा क्षीर धारा ग्राम योजना जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
जिला कलेक्टर ने कुकरू क्षेत्र में कॉफी फसल के विस्तार की संभावनाओं पर भी बल दिया। उन्होंने कॉफी उत्पादन से वन समितियों और पेशेवर समूहों को जोड़ने के निर्देश दिए। साथ ही क्षेत्र में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए मिनरल मिक्सचर एवं एजोला कल्चर के प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित करने का सुझाव दिया।
खाद की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि जिले में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध है और किसानों को ई-टोकन के माध्यम से खाद प्राप्त करने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने शनिवार और रविवार को भी समितियों के माध्यम से खाद वितरण जारी रखने के निर्देश दिए।
डॉ. सोनवणे ने चेतावनी दी कि पर्याप्त स्टॉक होने के बावजूद निजी विक्रेताओं को खाद उपलब्ध नहीं कराने वाले थोक विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही खाद वितरण संबंधी शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए कंट्रोल रूम के प्रभावी संचालन तथा समय रहते मांग पत्र तैयार करने के निर्देश भी दिए गए।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित