कोलकाता , सितंबर 10 -- पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने दुर्गा पूजा कमेटियों को फरमान जारी किया है कि वे कम्युनिस्ट संगठनों को पूजा स्थलों पर बुक स्टॉल तब तक नहीं लगाने दें, जब तक वे 'दुर्गा पूजा' की बजाय 'शरदोत्सव' शब्द का इस्तेमाल करते हैं।
श्री अधिकारी ने गुरुवार को विधानसभा में कहा कि उनकी सरकार सभी समुदायों के लोगों की धार्मिक आस्थाओं का सम्मान करती है और मुस्लिम, बौद्ध, आदिवासी समुदाय आदि बिना किसी हस्तक्षेप के अपने धर्म का पालन करने को स्वतंत्र हैं।
उन्होंने 'वामपंथी प्राध्यापकों' के एक वर्ग पर हिंदू और सनातन परंपराओं को जानबूझकर निशाना बनाने का आरोप लगाते हुए पूछा, "तिलक लगाने, चोटी रखने, तुलसी की माला पहनने या भगवा कपड़े पहनने को जानबूझकर निशाना क्यों बनाया जाना चाहिए?" श्री अधिकारी ने वामपंथियों पर हमला करते हुए आरोप लगाया कि कम्युनिस्ट सनातन धर्म को केवल एक सांस्कृतिक घटना मानते हैं और इसलिए 'दुर्गा पूजा' की बजाय 'शरदोत्सव' जैसे शब्दों का इस्तेमाल करना पसंद करते हैं।
उन्होंने कहा कि पूजा कमेटियों को कम्युनिस्ट समूहों को तब तक बुक स्टॉल नहीं लगाने देने चाहिए, जब तक कि वे 'दुर्गा पूजा' शब्द का इस्तेमाल नहीं करें। श्री अधिकारी ने मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और राज्य में उसके 34 साल के शासन पर भी तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि माकपा ने गरीब लोगों के पैसे का इस्तेमाल पूरे बंगाल में लगभग 2,500 पार्टी कार्यालय बनाने में किया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि योग्य उम्मीदवारों को सरकारी नौकरियों से वंचित रखा गया, जबकि माकपा नेताओं के परिवारों के सदस्यों को नियुक्तियां दी गईं। श्री अधिकारी के अनुसार सरकार न केवल पिछले 15 वर्षों की अनियमितताओं की जांच करेगी बल्कि वाम मोर्चा के 34 साल के कार्यकाल की अनियमितताओं की भी जांच करेगी।
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