चंडीगढ़ , जून 28 -- हरियाणा के राज्यपाल प्रोफेसर आशीष कुमार घोष ने कबीर जयंती के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि संत कबीर भारत के महान संत-कवि और समाज सुधारकों में से एक थे, जिनकी शिक्षाएं आज भी सत्य, समानता, करुणा और सार्वभौमिक बंधुत्व की प्रेरणा देती हैं।
राज्यपाल ने अपने संदेश में कहा कि संत कबीर ने निडर होकर सामाजिक भेदभाव, जातिगत विभाजन, धार्मिक असहिष्णुता और अंधविश्वास का विरोध किया तथा न्याय, सद्भाव और आपसी सम्मान पर आधारित समाज की स्थापना का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि कबीर का संदेश जाति, पंथ और धर्म की सीमाओं से परे है और मानवता को सर्वोच्च धर्म मानने की सीख देता है।
उन्होंने कहा कि कबीर ने तर्कसंगत सोच, आत्म-साक्षात्कार, नैतिक मूल्यों और आंतरिक पवित्रता पर बल दिया। उनकी शिक्षाएं लोगों को पूर्वाग्रहों से ऊपर उठकर समाज के कल्याण के लिए मिलकर कार्य करने की प्रेरणा देती हैं।
राज्यपाल ने विशेष रूप से युवाओं से कबीर के सादगी, ईमानदारी, सहिष्णुता और सामाजिक उत्तरदायित्व के आदर्शों को अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यही मूल्य राष्ट्र के सामाजिक ताने-बाने को मजबूत करने और विविधता में एकता की परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक हैं।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि संत कबीर के आदर्शों का अनुसरण कर हरियाणा के नागरिक एक समावेशी, सामंजस्यपूर्ण और न्यायपूर्ण समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगे, जहां प्रत्येक व्यक्ति को समान अवसर और सम्मानजनक जीवन प्राप्त हो।
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