अमेठी , फरवरी 17 -- अमेठी में कबाड़ व्यापारी के अपहरण कर रंगदारी वसूलने के मामले का पुलिस ने छह दिन बाद खुलासा करते हुए दो अंतरजनपदीय अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस अधीक्षक सरवणन टी ने सोमवार को बताया कि थाना मुसाफिरखाना क्षेत्र निवासी रमन कुमार अग्रहरि ने 13 फरवरी को सूचना दी थी कि 10 फरवरी की सुबह वह अपने बेटे को धरौली स्थित स्कूल छोड़कर लौट रहे थे, तभी शुक्ला पेट्रोल पंप के पास चार अज्ञात व्यक्तियों ने उन्हें रोककर एक सफेद कार में जबरन बैठा लिया। अभियुक्तों ने जान से मारने की धमकी देकर उनसे आठ लाख रुपये की रंगदारी वसूलने के बाद उन्हें छोड़ दिया।

इस संबंध में थाना मुसाफिरखाना में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 308(5), 115(2) व 351(3) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर स्वाट टीम व स्थानीय पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई शुरू की।

चेकिंग के दौरान मुखबिर की सूचना पर बिना नंबर प्लेट की स्विफ्ट डिजायर कार सवार दो अभियुक्तों अनुज प्रताप सिंह उर्फ मुरारी सिंह (24) निवासी नगरा पूरे बदली थाना छावनी जनपद बस्ती तथा घनश्याम पाण्डेय (21) निवासी कलानी कला थाना छावनी जनपद बस्ती को गिरफ्तार किया गया।

तलाशी में अभियुक्त घनश्याम पाण्डेय के पास से पांच हजार रुपये नकद, विभिन्न व्यक्तियों के आधार कार्ड व पैन कार्ड तथा अभियुक्त अनुज प्रताप सिंह के कब्जे से चार लाख पैंतालीस हजार रुपये नकद, तीन मोबाइल फोन, 315 बोर का एक कारतूस और वाहन की डिग्गी से एक कूटरचित नंबर प्लेट बरामद की गई।

पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि उन्होंने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर घटना को अंजाम दिया था। इनमें महेश कुमार सिंह, सौरभ पाण्डेय, राजकुमार यादव, इस्लाम तथा शुभम यादव शामिल हैं। अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि वारदात के दौरान वे फर्जी नंबर प्लेट लगी कार का प्रयोग करते थे।

पुलिस के अनुसार मुख्य अभियुक्त महेश सिंह पीड़ित के पड़ोस का रहने वाला है और दोनों एक-दूसरे को पहले से जानते थे। शातिर अपराधी होने के कारण भयवश पीड़ित ने प्रारंभ में अभियुक्तों के नाम उजागर नहीं किए।

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