कपूरथला , मार्च 05 -- पंजाब स्टेट मिनिस्टीरियल सर्विस यूनियन (पीएसएमएसयू) और सीपीएफ एम्प्लॉइज यूनियन (सीपीएफईयू), कपूरथला के सदस्यों ने गुरुवार को डीसी कॉम्प्लेक्स में राज्य सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन किया।
कपूरथला स्थित सीपीएफ कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष संगत राम बागी के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विभिन्न विभागों के बड़ी संख्या में कर्मचारी परिसर में एकत्रित हुए और सरकार द्वारा जारी कई अधिसूचनाओं के खिलाफ नारे लगाये, जिनके अनुसार संघों का कहना है कि ये अधिसूचनाएं कर्मचारियों के अधिकारों और सेवा शर्तों पर प्रतिकूल प्रभाव डालती हैं।
प्रदर्शन के दौरान, श्रमिक संघ के प्रतिनिधियों ने 2004 में लागू की गयी नयी पेंशन योजना (एनपीएस) अधिसूचना, 2015 में शुरू की गयी तीन साल की मूल वेतन शर्त और नवनियुक्त कर्मचारियों से संबंधित केंद्रीय वेतन आयोग की 17 जुलाई, 2020 को जारी अधिसूचना का कड़ा विरोध किया। श्रमिक संघों ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) अधिसूचना पर भी असंतोष व्यक्त किया और कहा कि ऐसे उपाय कर्मचारियों पर अतिरिक्त बोझ डालते हैं और उनके सेवा लाभों के संबंध में अनिश्चितता पैदा करते हैं।
सभा को संबोधित करते हुए, श्रमिक संघ के नेताओं ने आरोप लगाया कि ये नीतियां सरकारी कर्मचारियों की नौकरी की सुरक्षा और दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता को कमजोर करती हैं। उन्होंने राज्य सरकार से विवादास्पद अधिसूचनाओं की समीक्षा करने और उन्हें वापस लेने तथा कर्मचारी प्रतिनिधियों से परामर्श करके कर्मचारी-हितैषी नीतियां अपनाने का आग्रह किया।
डीसी कॉम्प्लेक्स में विरोध प्रदर्शन के बाद, प्रदर्शनकारी कपूरथला-करतारपुर रोड पर डाबुरजी गांव के पास पहुंचे, जहां उन्होंने विरोध के प्रतीक के रूप में विवादित अधिसूचनाओं की प्रतियां प्रतीकात्मक रूप से जला दीं। यूनियन नेताओं ने अपनी मांगों को दोहराया और चेतावनी दी कि यदि मुद्दे अनसुलझे रहेतो आगे आंदोलन शुरू किया जा सकता है।
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