नई दिल्ली , जून 15 -- भारत और जापान के बीच कपड़ा और परिधान क्षेत्र में द्विपक्षीय व्यापार और रणनीतिक साझेदारी को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत केंद्रीय कपड़ा सचिव नीलम शमी राव के नेतृत्व में सोमवार को टोक्यो में जापान के कपड़ा और परिधान क्षेत्र की अग्रणी कंपनियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की।

कपड़ा मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में जानकारी साझा करते हुये कहा कि कपड़ा सचिव की यह यात्रा दोनों देशों के बीच कपड़ा व परिधान क्षेत्र में द्विपक्षीय व्यापार और आधुनिक तकनीक के आदान-प्रदान में बढ़ोतरी के उद्देश्य से आयोजित की गयी है। दोनों देश एक-दूसरे के अनुभवों से लाभान्वित हो सकते हैं।

श्रीमती राव ने इस अवसर पर कहा कि भारत वैश्विक कपड़ा बाजार में एक मजबूत और भरोसेमंद साझेदार के रूप में उभर रहा है। भारत के पास उपलब्ध कुशल श्रमशक्ति, प्रचुर कच्चा माल और सरकार की उत्पादन आधारित प्रोत्साहन जैसी सहायक नीतियां जापानी निवेशकों के लिए एक बेहतरीन अवसर प्रदान करती हैं। इस साझेदारी से न केवल दोनों देशों का व्यापार बढ़ेगा, बल्कि वैश्विक कपड़ा मूल्य श्रृंखला में भारत की हिस्सेदारी भी मजबूत होगी।

श्रीमती राव के साथ वस्त्र मंत्रालय का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल जापान गया है। भारतीय प्रतिनिधिमंडल में श्रीमती राव के साथ देश के कपड़ा उद्योग के कई प्रमुख उद्योगपति और नीति निर्माता भी शामिल हैं।

मंत्रालय के अनुसार, टोक्यो में हुयी बैठक में जापान की 20 से अधिक अग्रणी कपड़ा और परिधान कंपनियों के शीर्ष अधिकारी उपस्थित थे। दोनों पक्षों ने इस बैठक में आपसी व्यापार बढ़ाने, अत्याधुनिक तकनीकों के आदान-प्रदान और एक-दूसरे के अनुभव से लाभ उठाने के संबंध में विस्तृत चर्चा की।

इस दौरान भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने जापानी कंपनियों को भारत से कपड़ों की खरीद बढ़ाने और भारत में अपनी विनिर्माण गतिविधियों व संयंत्रों का विस्तार करने के लिए आमंत्रित किया गया। बैठक में कपड़ा व परिधान उद्योग में नवाचार और विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिये दोनों देशों के बीच औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर भी सहमति बनी है।

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