टिहरी , मई 09 -- उत्तराखंड में टिहरी गढवाल जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत सरकारी राशन परिवहन में बड़ी अनियमितता सामने आई है।
शनिवार को चंबा-धनोल्टी सड़क पर कनाताल के पास अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी द्वारा किए गए औचक निरीक्षण के दौरान सरकारी खाद्यान्न से भरे दो वाहनों को संदिग्ध परिस्थितियों में पकड़ा गया। आवश्यक दस्तावेज न मिलने पर प्रशासन ने दोनों वाहनों को जब्त कर दिया।
जानकारी के अनुसार निरीक्षण अभियान के दौरान खाद्य एवं आपूर्ति विभाग से संबंधित दो वाहनों की जांच की गई। इनमें क्रमशः 50 बोरी और 40 बोरी गेहूं एवं चावल लदा हुआ था, जिसे सरकारी राशन वितरण के लिए ले जाया जा रहा था। जांच के दौरान वाहन चालकों से राशन के गंतव्य और वितरण स्थल के संबंध में जानकारी मांगी गई लेकिन स्पष्ट जवाब नहीं मिल सका।
प्रशासनिक जांच में यह भी सामने आया कि वाहनों के पास खाद्यान्न गोदाम से जारी गेट पास, परिवहन चालान तथा राशन कहां से लाया गया और कहां भेजा जा रहा है, उससे संबंधित कोई वैध दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे। मामले को गंभीर मानते हुए अपर जिलाधिकारी ने तत्काल जिला पूर्ति अधिकारी मनोज डोभाल एवं खाद्यान्न निरीक्षक को मौके पर बुलाया।
इसके साथ ही कानूनगो महिपाल सिंह पुंडीर, पटवारी धनपाल सिंह तथा सप्लाई इंस्पेक्टर देवेंद्र सिंह नेगी को भी जांच के लिए मौके पर तलब किया गया। संयुक्त जांच के बाद प्रशासन ने दोनों वाहनों को जब्त कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी ने जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि मामले में लापरवाही बरतने वाले संबंधित कार्मिकों एवं ठेकेदार के खिलाफ नियमानुसार जांच कर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। पूरे प्रकरण की जानकारी प्रभारी जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल को भी दे दी गई है।
उन्होंने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में किसी भी प्रकार की अनियमितता और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा पारदर्शिता बनाए रखने के लिए आगे भी नियमित निरीक्षण अभियान जारी रहेंगे।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित