अमृतसर , अगस्त 03 -- कनाडा के वैंकूवर और लोअर मेनलैंड की सिख संगत की ओर से श्री गुरु ग्रंथ साहिब के पावन स्वरूप विदेश भेजे जाने की प्रक्रिया संबंधी सुझावों पर अब श्री अकाल तख्त साहिब विचार करेगा।
सोमवार को कुछ सिख प्रतिनिधियों ने श्री अकाल तख्त सचिवालय में सुझाव-पत्र सौंपा, जिसे शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने स्वीकार कर आगे विचार के लिए जत्थेदार श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष रखने की बात कही।
एसजीपीसी के सचिव बलविंदर सिंह काहलवां ने स्पष्ट किया कि हाल ही में कनाडा भेजे गये श्री गुरु ग्रंथ साहिब के पावन स्वरूप वर्ष 2009 में श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा बनाये गये नियमों और एसजीपीसी की अंतरिम समिति के प्रस्ताव के अनुसार वहां की संगत की मांग पर भेजे गये थे। उन्होंने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया में किसी प्रकार की बेअदबी या लापरवाही नहीं हुई। उन्होंने बताया कि दुनिया के विभिन्न देशों में बसे सिख समुदाय की मांग पर समय-समय पर पावन स्वरूप विदेश भेजे जाते हैं। हाल के दिनों में हालांकि इस प्रक्रिया को लेकर कुछ सुझाव प्राप्त हुए हैं, जिन्हें श्री अकाल तख्त साहिब के संज्ञान में लाया गया है। उन्होंने कहा कि पांच सिंह साहिबान द्वारा इस विषय पर निर्णय लिये जाने तक फिलहाल विदेशों में पावन बीड़ें नहीं भेजी जाएंगी।
काहलवां ने सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर प्रसारित उन दावों को भी खारिज किया, जिनमें कहा गया था कि कनाडा भेजे गये स्वरूपों को जर्जर बस या कंटेनर में ले जाया गया अथवा उन्हें किसी प्रकार का नुकसान पहुंचा। उन्होंने कहा कि सभी पावन स्वरूप नयी विशेष पालकी-रूपी बस में पूर्ण धार्मिक मर्यादा और सम्मान के साथ भेजे गये थे, तथा कनाडा पहुंचने पर पांच सिंहों की मौजूदगी में पूरी श्रद्धा के साथ गुरुद्वारे में स्थापित किये गये। उन्होंने बताया कि जिस गुरुद्वारे में स्वरूप भेजे गये, वहां की व्यवस्थाओं का पहले ही एसजीपीसी सदस्य भाई रजिंदर सिंह मेहता ने निरीक्षण किया था और उन्हें सभी प्रबंध मर्यादा के अनुरूप मिले। इसके अलावा एसजीपीसी की अंतरिम समिति की सदस्य बीबी हरजिंदर कौर ने भी वहां जाकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और उन्हें संतोषजनक पाया। एसजीपीसी सचिव ने कहा कि कनाडा में पावन स्वरूप पूरी तरह सुरक्षित हैं तथा वहां की संगत ने इस संबंध में धन्यवाद पत्र भी भेजे हैं। उन्होंने बताया कि आगे जिन गुरुद्वारों को स्वरूप सौंपे जाएंगे, उनका पूरा रिकॉर्ड एसजीपीसी के पास रखा जा रहा है। उन्होंने संगत से अपील की कि श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से अंतिम निर्णय आने तक इस मामले में फैलाये जा रहे भ्रामक और गलत प्रचार से सावधान रहें।
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