अलवर , मई 22 -- राजस्थान में अलवर जिले के रामगढ़ थाना क्षेत्र में अलावड़ा गांव में गुरुवार को एक नाबालिग लड़की के कथित धर्म परिवर्तन और निकाह की तैयारी के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए लड़की को छुड़ा लिया है।

इस मामले में मौलवी सहित एक नाबालिग लड़के के खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पोक्सो) अधिनियम सहित विभिन्न धाराओं में शून्य प्राथमिकी दर्ज की गयी है। दस्तावेजों के अनुसार लड़का भी नाबालिग बताया जा रहा है। पूछताछ के बाद लड़की को नारी निकेतन भेज दिया गया। थानाधिकारी अजीत बड़सरा ने शु्क्रवार को बताया कि विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने सूचना दी थी कि अलावड़ा गांव के एक मकान में नाबालिग का धर्म परिवर्तन करके निकाह कराया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दबिश देकर मुंडावर थाना क्षेत्र के एक किशोर को उत्तराखंड के हरिद्वार क्षेत्र की नाबालिग लड़की के साथ पकड़ा।

पुलिस दोनों को थाने लेकर आयी, जहां पूछताछ में सामने आया कि किशोर और किशोरी की पहचान सोशल मीडिया के जरिए हुई थी। दोनों पिछले करीब तीन वर्ष से संपर्क में थे। युवती ने पुलिस को बताया कि वह छह मई को स्वयं लड़के के पास आई थी और तभी से उसके साथ रह रही थी।

प्रारंभिक जांच में मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा प्रतीत हो रहा है, लेकिन लड़की के नाबालिग होने के कारण पुलिस ने पोक्सो अधिनियम के तहत कार्रवाई की है। मामले में निकाह की तैयारी कराने वाले मौलवी और अन्य लोगों को हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई के लिए मुंडावर थाना पुलिस को सौंप दिया गया। पुलिस ने उत्तराखंड पुलिस को भी सूचना दे दी है। जांच में यह भी सामने आया कि युवती के पिता की मृत्यु हो चुकी है और उसका पालन-पोषण पिता का एक परिचित कर रहा था। सूचना मिलने के बाद युवती का पालनहार चाचा उत्तराखंड से रवाना हो गया।

घटना की जानकारी मिलते ही विश्व हिंदू परिषद और अन्य हिंदू संगठनों के पदाधिकारी रामगढ़ थाने पहुंचे। इस दौरान संगठन पदाधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई के लिए थानाधिकारी अजीत बड़सरा का सम्मान किया और पुलिस की कार्रवाई की सराहना की।

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