बैतूल , अक्टूबर 18 -- मध्यप्रदेश में बैतूल की स्थानीय अदालत ने मिशन प्राथमिक शाला परिसर में कथित धर्मांतरण के मामले में मुख्य आरोपी पादरी रेगलीन इमैनुएल की नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी है। द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सचिन कुमार घोष की अदालत ने अपराध की गंभीरता, आरोपी के पूर्व आपराधिक मामलों और गवाहों को प्रभावित किए जाने की आशंका को फैसले के प्रमुख आधारों में शामिल किया।
मामले में पैरवी कर रहे अधिवक्ता रोशन मगरदे के अनुसार, प्रकरण 27 सितंबर 2026 को कोतवाली थाने में दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता सत्यम विश्वकर्मा ने आरोप लगाया था कि पैर का दर्द ठीक करने, नौकरी दिलाने और आर्थिक लाभ देने का प्रलोभन देकर उसे मिशन प्राथमिक शाला परिसर ले जाया गया, जहां उस पर ईसाई धर्म अपनाने के लिए दबाव बनाया गया।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 299 तथा मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की धाराओं 3 और 5 के तहत मामला दर्ज किया था। अदालत में आरोपी की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान उसके विरुद्ध कोतवाली बैतूल और भैंसदेही थानों में दर्ज दो पूर्व आपराधिक मामलों का भी उल्लेख किया गया। मामले में आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के बाद होगा।
इस प्रकरण को लेकर सकल हिंदू समाज, राष्ट्रीय हिंदू सेना और अन्य संगठनों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर ज्ञापन सौंपा था। संगठनों ने मिशन प्राथमिक शाला की भूमि की शासकीय लीज, परिसर में हुए निर्माण, संस्था के पंजीयन तथा अग्निशमन और विद्युत संबंधी अनुमतियों की जांच की मांग की थी। उन्होंने परिसर में रविवार को होने वाली गतिविधियों की जांच का आग्रह भी किया था। प्रशासन के अनुसार, ज्ञापन में उठाए गए बिंदुओं पर नियमानुसार जांच की जा रही है।
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