मुंबई , जुलाई 23 -- महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कथित शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) घोटाले के खिलाफ शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे के प्रस्तावित संयुक्त विरोध प्रदर्शन को लेकर गुरुवार को उन पर निशाना साधा।
श्री ठाकरे के मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) में हुयी कथित अनियमितताओं पर श्री फडणवीस ने कहा कि दूसरों पर उंगलियां उठाने से पहले अपनी गलतियों को छिपाना बंद करें। उन्होंने दावा किया कि पिछली सरकार के दौरान हुआ टीईटी घोटाला राज्य के इतिहास के सबसे बड़े घोटालों में से एक था जिसमें आईएएस अधिकारियों समेत कई अधिकारी शामिल थे।
श्री फडणवीस ने आरोप लगाया कि पिछले शासनकाल में परीक्षा में असफल रहे उम्मीदवारों को पास कराने में मदद की गयी थी। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने संदिग्ध घोटाले का पता चलने के बाद परीक्षा आयोजित होने से पहले ही टीईटी गड़बड़ी में कथित रूप से शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की थी।
श्री फड्णवीस का यह बयान 26 जुलाई को मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज पार्क से सिद्धिविनायक मंदिर तक ठाकरे बंधुओं के घोषित संयुक्त मार्च से पहले आया है।
श्री राज ठाकरे ने छात्रों और अभिभावकों से इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस विरोध प्रदर्शन में केवल राष्ट्रीय ध्वज ही ले जाया जायेगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे को बढ़ावा देने के बजाय इसका समाधान निकाला जाना चाहिये।
श्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि राकांपा संस्थापक शरद पवार और खुद श्री फडणवीस सहित कई नेता इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन से यह साफ हो जायेगा कि कौन छात्रों के साथ खड़ा है और कौन उनके खिलाफ है।
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