रायपुर , मार्च 14 -- छत्तीसगढ़ के कथावाचक डॉ. रामानुरागी महाराज ने मंत्री राजेश अग्रवाल पर श्रीमद्भागवत कथा का मानदेय नहीं देने का आरोप लगाया है। कथावाचक का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें उन्होंने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए विधानसभा के बाहर आत्मदाह की चेतावनी दी है।

यह वीडियो कांग्रेस नेता धनंजय ठाकुर द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किया गया है, जिसके बाद मामला राजनीतिक रूप लेता नजर आ रहा है।

वायरल वीडियो में कथावाचक रामानुरागी ने कहा कि उन्होंने दो से नौ जनवरी 2026 तक अंबिकापुर के लखनपुर क्षेत्र में श्रीमद्भागवत कथा का वाचन किया था। उनका कहना है कि यह आयोजन मंत्री राजेश अग्रवाल की ओर से कराया गया था लेकिन अब तक उन्हें कथावाचन का मानदेय नहीं मिला है।

उन्होंने वीडियो में कहा कि जब भी वह भुगतान की बात करने जाते हैं, तो उन्हें टाल दिया जाता है। उन्होंने इसे संतों का अपमान बताते हुए कहा कि यदि उन्हें उनका पैसा नहीं दिया गया तो वे विधानसभा के बाहर आत्मदाह करने को मजबूर होंगे।

वहीं श्री अग्रवाल ने कथावाचक के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि लखनपुर में उनके द्वारा किसी भी प्रकार का आयोजन नहीं कराया गया था और वे उस कार्यक्रम में शामिल भी नहीं हुए थे।

मंत्री ने स्पष्ट किया कि कथावाचक ने संस्कृति विभाग में आयोजन से संबंधित एक आवेदन दिया था, जिस पर उन्होंने सामान्य प्रक्रिया के तहत टिप्पणी की थी। विभाग द्वारा नियमों के अनुसार आवेदन को अस्वीकृत कर दिया गया।

उन्होंने कहा कि जब आयोजन उन्होंने कराया ही नहीं, तो भुगतान करने का सवाल ही नहीं उठता।

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