मुंबई , सितंबर 08 -- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कठिन वैश्विक हालात के बीच देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में अनुमानित 7.8 प्रतिशत की वृद्धि को भारत के प्रति दुनिया में नया भरोसा जगाने वाली उपलब्धि बताते हुए मंगलवार को कहा कि यह बात वैश्विक रेटिंग एजेंसियों की रिपोर्ट में भी दिख रही है।
श्री मोदी ने यहां तीसरे ग्लोबल फिनटेक शिखर सम्मेलन में निवेशकों को नियमों नीतियों में तेजी से सुधार का आश्वासन देते हुए कहा , " दुनिया के हालात क्या हैं, ये आप सब भलीभांति जानते हैं। दुनिया लड़ाइयां और अनिश्चितताओं के दौर से गुजर रही है।ईंधन और जिंस की आपूर्ति श्रृंखलाएं दबाव में हैं, व्यापार को लेकर भी तनाव है।"प्रधानमंत्री ने ऐसी वैश्विक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा, " ..और ये स्थितियां कई महीनों से बनी हुई हैं। इसमें भी अप्रैल से जून तिमाही सबसे कठिन रही है और इसमें भी जब भारत, 7.8 प्रतिशत की दर से वृद्धि करता है, तो दुनिया को एक नया भरोसा मिलता है। ये जो विश्वास है, वो मैं यहां आप सभी के चेहरों पर भी साफ-साफ देख रहा हूं।"श्री मोदी ने कहा ,"भारत पर इस बढ़ते भरोसे का एक और उदाहरण हमारी सॉवरीन रेटिंग्स ( सरकार की वित्तीय साख का स्तर)भी है। हाल में ही जापान की क्रेडिट रेटिंग एजेंसी ने भारत की सॉवरीन रेटिंग्स को ए-कैटेगरी में अपग्रेड किया है। अपग्रेड करना तो खुशी की बात है, लेकिन बहुत कम लोगों को मालूम है कि यह सौभाग्य तीन दशक के बाद आया है, तीस साल के बाद।"उन्होंने कहा कि यह दिखाता है कि भारत की वृद्धि की गति , हमारी वृहद आर्थिक मजबूती और हमारे बुनियादी सुधारों को लेकर दुनिया कितनी आश्वस्त है। उन्होंने कहा, ' और मैं फिर कहूंगा कि भारत की ये सुधार एक्सप्रेस और तेज़ रफ्तार से आगे बढ़ेगी।"श्री मोदी ने देश की फिनटेक स्टोरी को अद्भुत बताते हुए कहा कि यूपीआई इसका चैम्पियन रहा है। उन्होंने सम्मेलन की सफलता के लिए आगामी गणेश चतुर्थी की अग्रिम बधाई दी और ग्लोबल फिनटेक फेस्ट में देश विदेश से आए सभी मेहमानों और प्रतिनिधियों का स्वागत किया उन्होंने इस बात की खुशी जाहिर की कि वह लगातार तीन बार प्रधानमंत्री की शपथ लेने के साथ-साथ लगातार तीसरी बार इस सम्मेलन को संबोधित कर रहे हैं।
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